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अराजकता की कगार पर पाकिस्तान
डार ने यह भी खुलासा किया कि पाकिस्तान सरकार अपनी संपत्तियों को चीन और सऊदी अरब की सरकार को बेचने जा रही है। वहीं डार के दावे के विपरीत इमरान खान की पार्टी ने दावा किया है कि बहुत ज्यादा महंगाई और बेरोजगारी की वजह से पाकिस्तान अराजकता की कगार पर है। पाकिस्तानी वित्त मंत्री से जब देश के डिफॉल्ट होने पर सवाल पूछा तो उनसे जवाब देते नहीं बना। उन्होंने दावा किया कि इस तरस की अटकल को इमरान खान बढ़ावा दे रहे हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर पाकिस्तान आईएमएफ के प्रोग्राम पर आगे बढ़ता है तो देश में महंगाई अपने सभी रेकॉर्ड तोड़ देगी। यही वजह है कि पाकिस्तान के कर्ज संकट का हल होता नहीं दिख रहा है। पाकिस्तान के पास बहुत कम विदेशी मुद्रा भंडार बचा है और उसे अपनी वॉशिंगटन स्थित दूतावास की संपत्ति को बेचना पड़ रहा है। इसके बाद भी पाकिस्तान लगातार सेना पर जमकर पैसा बहा रहा है और आए दिन मिसाइलों का परीक्षण करता रहता है।
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