Home Health बिना सर्जरी के इलाज! कमाल की है आयुर्वेद की यह विधि, हर रोग से मिलेगी मुक्ति

बिना सर्जरी के इलाज! कमाल की है आयुर्वेद की यह विधि, हर रोग से मिलेगी मुक्ति

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बिना सर्जरी के इलाज! कमाल की है आयुर्वेद की यह विधि,  हर रोग से मिलेगी मुक्ति

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अरशद खान/देहरादून: रीढ़ की हड्डी यानी स्पाइनल कॉर्ड नसों का वह समूह होता है, जो दिमाग का संदेश शरीर के अन्य अंगों तक पहुंचाता है. ऐसे में यदि स्पाइनल कॉर्ड में किसी भी प्रकार की चोट लग जाए या अन्य कोई समस्या हो जाए, तो यह पूरे शरीर के लिए बेहद घातक अवस्था मानी जाती है. एक ओर जहां यह वृद्ध लोगों के लिए बड़ी समस्या है, वहीं ऐसे लाखों-करोड़ों युवा हैं, जो पीठ दर्द से पीड़ित हैं. आधुनिक चिकित्सा में समाधान तो है लेकिन नुकसान भी हैं, इसलिए उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में आयुर निदानम आयुर्वेदिक क्लीनिक एवं केरल पंचकर्म सेंटर बिना सर्जरी के रीढ़ की हड्डी से संबंधित सभी बीमारियों का इलाज कर रहा है.

लोकल 18 से बातचीत में डॉ मयंक पांडे बताते हैं कि देहरादून में उनके दो सेंटर हैं, जिनमें वह पूर्णतः केरलम आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति और आयुर्वेदिक चिकित्सा पद्धति से मरीजों का इलाज करते हैं. वह पिछले 12 सालों से मरीजों को स्वास्थ्य लाभ पहुंचा रहे हैं. वैसे तो वह हर तरह के रोगों का इलाज अपने क्लीनिक में करते हैं, लेकिन स्पाइनल डिसऑर्डर से जुड़ी तमाम बीमारियों पर उनका मुख्य फोकस है, जिसमें रीढ़ की हड्डी से जुड़ी सभी बीमारियों का इलाज वह सफलतापूर्वक करते हैं. उनके पास देश के कोने-कोने से रीढ़ की हड्डी के पीड़ित मरीज अपना इलाज कराने पहुंचते हैं. साथ ही विदेशी मरीज भी उनकी प्राचीन आयुर्वेदिक पद्धति से संतोषजनक इलाज कराने पहुंचते हैं.

रीढ़ की हड्डी की समस्याएं

रीढ़ की हड्डी के विकार विभिन्न प्रकार के होते हैं. बेहतर उपचार के लिए मरीज के रोग को पहचानना जरूरी है. ऐसी कई वजह हैं जो रीढ़ की संरचना और कार्यप्रणाली के नुकसान का कारण बनती हैं. यह उम्र बढ़ने, संक्रमण, ट्यूमर, मांसपेशियों में खिंचाव, गठिया आदि के कारण हो सकता है. रीढ़ की हड्डी पर बढ़ा हुआ तनाव, जो डिस्क विस्थापन, रीढ़ की हड्डी में संकुचन, हर्नियेशन, स्पाइनल स्टेनोसिस जैसी बीमारी उत्पन्न करता है.

रीढ़ की हड्डी के विकारों के प्रमुख कारण

रीढ़ की हड्डी संबंधी विकारों के प्रमुख कारण आनुवांशिकी, जीवनशैली, आदतें, पोषण की कमी और अन्य आहार संबंधी कारण हैं. रीढ़ की हड्डियों के बीच में एक डिस्क मौजूद होती है. जब आपकी उम्र बढ़ती है, तो यह डिस्क कमजोर हो जाती है और इसके टूटने का खतरा बढ़ जाता है. स्पाइनल स्टेनोसिस जैसी स्थितियां भी हैं, जो मुख्य रूप से आपकी स्पाइनल कैनाल के संकीर्ण होने के कारण होती हैं.

कैसे करें संपर्क

आयुर निदानम आयुर्वेदिक क्लीनिक एवं केरला पंचकर्म सेंटर देहरादून में राजेंद्र नगर कोल्हागढ़ रोड़ पर स्मार्ट सिटी कार्यालय के निकट है. यहां पहुंचने के लिए आपको देहरादून चकराता रोड किसन नगर चौक से ओएनजीसी की ओर जाना होगा, जहां पर 500 मीटर की दूरी पर यह क्लीनिक स्थित है.

Tags: Health benefit, Hindi news, Local18, UP news

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