Home National भारत के पास कितने न्यूक्लियर हथियार, ताजा रिपोर्ट से पाकिस्तान के साथ चीन की भी बढ़ी टेंशन?

भारत के पास कितने न्यूक्लियर हथियार, ताजा रिपोर्ट से पाकिस्तान के साथ चीन की भी बढ़ी टेंशन?

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भारत के पास कितने न्यूक्लियर हथियार, ताजा रिपोर्ट से पाकिस्तान के साथ चीन की भी बढ़ी टेंशन?

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नई दिल्ली: पूरी दुनिया में परमाणु बम के लिए होड़ मची हुई है. इसीलिए इजरायल ने परमाणु बम बना रहे ईरान पर हमला किया. इजरायल के हमले में परमाणु सुविधा के साथ-साथ ईरान के कई वैज्ञानिकों और खास लोगों की जान चली गई. वहीं, ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के पास परमाणु बम की चर्चा हो रही थी. सवाल ये उठता है कि भारत और पाकिस्तान में से किसके पास ज्यादा परमाणु हथियार हैं? तो इस रहस्य से भी पर्दा हट चुका है. स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) की सालाना रिपोर्ट सोमवार को जारी किया गया था. रिपोर्ट के अनुसार, 2025 की शुरुआत तक भारत के पास अनुमानित 180 परमाणु हथियार हैं, जबकि 2024 में यह संख्या 172 थी. वहीं, पाकिस्तान के पास अब भी 170 परमाणु हथियार हैं.

SIPRI हर साल नए आंकड़ों के आधार पर विश्व की परमाणु ताकतों की सूची अपडेट करता है. इस बार की रिपोर्ट खास इसलिए भी है क्योंकि यह मई 2025 में भारत द्वारा किए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के कुछ ही हफ्तों बाद आई है. उस ऑपरेशन में भारत ने जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में आतंकियों और सैन्य ठिकानों पर हवाई हमले किए थे. पहलगाम में पाकिस्तान के आतंकियों ने 26 निर्दोष हिंदू टूरिस्टों की हत्या कर दी थी. ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिन तक मिसाइल, ड्रोन और लड़ाकू विमानों से टकराव चला.

भारत के निशाने पर केवल पाक नहीं…

रिपोर्ट में बताया गया है कि भारत की परमाणु रणनीति अब सिर्फ पाकिस्तान तक सीमित नहीं है. SIPRI ने बताया, ‘पाकिस्तान अब भी भारत की परमाणु प्रतिरोधक नीति का मुख्य केंद्र बना हुआ है, लेकिन भारत अब उन हथियारों पर भी ध्यान दे रहा है जो चीन तक पहुंच बना सकें.’ भारत के परमाणु मिसाइलों की रेंज 250 किलोमीटर से लेकर 5,500 किलोमीटर तक है, जो चीन में घुसकर हमला कर सकते हैं.

पलक झपकते होगा परमाणु हमला

भारत ने हाल ही में खुद को जमीन, आसमान और समंदर में परमाणु प्रतिरोधक ढांचे को और मज़बूत किया है. रिपोर्ट के मुताबिक, पिछले साल INS अरिघात नाम की दूसरी स्वदेशी परमाणु शक्ति-संपन्न बैलिस्टिक मिसाइल पनडुब्बी (SSBN) को विशाखापत्तनम में कमीशन किया गया. यह INS अरिहंत के बाद इस श्रेणी की दूसरी और अधिक एडवांस पनडुब्बी है. भारत अब कुल चार से छह ऐसी SSBN तैयार कर रहा है. SIPRI की रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि भारत आमतौर पर शांति काल में अपने परमाणु हथियार लॉन्चर से अलग रखता है, लेकिन अब भारत कुछ हथियारों को लॉन्चर के साथ जोड़े रखने की दिशा में कदम बढ़ा रहा है.

अग्नि-5 एक साथ कई हमला करने में सक्षम

भारत ने हाल ही में अग्नि-5 मिसाइल को भी MIRV (Multiple Independently Targetable Reentry Vehicle) तकनीक से लैस किया है, जिससे एक ही मिसाइल कई अलग-अलग लक्ष्यों को निशाना बना सकती है और एकसाथ ज़्यादा तबाही मचा सकती है.

पहले नहीं हमला नहीं मगर…

भारत की परमाणु नीति ‘No First Use’ यानी पहले परमाणु हमला नहीं करने की है. 2003 में घोषित इस नीति के तहत भारत तभी परमाणु हथियारों का इस्तेमाल करेगा जब उस पर परमाणु हमला हो. जवाबी हमला “मैसिव” यानी व्यापक और अस्वीकार्य नुकसान पहुंचाने वाला होगा. यह निर्णय केवल भारत के नागरिक नेतृत्व- प्रधानमंत्री की अध्यक्षता वाली ‘न्यूक्लियर कमांड अथॉरिटी’ द्वारा लिया जा सकता है.

सबसे ज्यादा परमाणु हथियार किसके पास

रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि अमेरिका और रूस अब भी दुनिया की सबसे बड़ी परमाणु ताकतें हैं. इनके पास 5,459 और 5,177 हथियार हैं. चीन इस समय सबसे तेजी से अपना परमाणु भंडार बढ़ा रहा है. चीन के पास अभी 600 के करीब परमाणु हथियार हैं. अगले दशक तक उसके पास अमेरिका या रूस के बराबर अंतर-महाद्वीपीय मिसाइलें (ICBMs) होने की संभावना है.

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