मुंबई. महाराष्ट्र की राजनीति में रविवार का दिन बड़ा उथलपुथल वाला रहा, जहां शरद पवार द्वारा 1999 में स्थापित राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) को उस समय फूट का सामना करना पड़ा, जब उनके भतीजे अजित पवार सहित पार्टी के नौ विधायक एकनाथ शिंदे नीत महाराष्ट्र सरकार में शामिल हो गए. इनमें शरद पवार के वफादार कहलाने वाले छगन भुजबल और दिलीप वालसे पाटिल भी शामिल हैं.
एनसीपी अध्यक्ष शरद पवार ने कहा कि अजित पवार और राकांपा के अन्य विधायकों का शिंदे नीत सरकार में शामिल होने को डकैती बताया है. पवार ने कहा, ‘…यह गुगली नहीं, डकैती है. यह आसान चीज नहीं है. प्रधानमंत्री (नरेन्द्र मोदी) ने पार्टी पर जो आरोप लगाए थे…अब (उन्होंने) उनमें से कुछ को आरोपों से दोषमुक्त करने का महत्वपूर्ण काम किया है.’
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा कि राजनीतिक घटनाक्रम से पता चलता है कि कोई ‘क्लीन बोल्ड’ हुआ है. उन्होंने यह भी कहा, ‘यह हिट विकेट है.’ शरद पवार के बयान पर पलटवार करते हुए उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा, ‘मेरे बजाय, पवार के भतीजे (अजित पवार) उनकी गुगली पर क्लीन बोल्ड हो गए.’