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What is The Normal Body Temperature: आमतौर पर माना जाता है कि यदि बॉडी का टेंपरेचर 98.6 डिग्री फारेनहाइड से उपर है तो यह बुखार है? इसलिए लोग आनन-फानन में पैरासिटामोल की गोली खा लेते हैं. कुछ देर बाद शरीर पसीना-पसीना हो जाता है. फिर लगता है कि यह बुखार उतर गया. लेकिन हाल की रिसर्च के मुताबिक यह जरूरी नहीं कि किसी और को 98.6 डिग्री उसके शरीर का नॉर्मल टेंपरेचर है तो आपके शरीर का नॉर्मल टेंपरेचर भी उतना ही होगा. हो सकता है कि आपको 100 डिग्री तापमान होने पर भी फीवर न हो. जी हां, यह बात एक नई रिसर्च में दावा किया गया है. रिसर्च के मुताबिक हर व्यक्ति में फीवर होने के अलग-अलग मानक है. हो सकता है कि किसी को 99 डिग्री पर ही बहुत तेज शरीर गर्म हो जाए और उसे बुखार आ जाए लेकिन किसी को 100 डिग्री रहने पर भी बुखार का अहसास न हो. अध्ययन में यह भी पता लगाया गया कि महिला का शरीर ज्यादा गर्म रहता है या पुरुष का.
महिलाओं के शरीर का नॉर्मल टेंपरेचर
स्टेनफोर्ड यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन के दौरान 2008 से 2017 के बीच 6 लाख लोगों के ओरल टेंपरेचर का विश्लेषण किया. शोधकर्ताओं ने कहा कि आमतौर पर 37 डिग्री सेंटीग्रेड को नॉर्मल टेंपरेचर माना जाता है लेकिन अध्ययन में पाया गया कि औसत नॉर्मल टेंपरेचर लोगों में 36.6 डिग्री सेंटीग्रेट था. रिसर्च में सबसे चौंकाने वाली बात यह पता चली कि पुरुषों में शरीर का नॉर्मल तापमान महिलाओं से कम था. यानी पुरुषों में अगर सौ डिग्री सेंटीग्रेट नॉर्मल टेंपरेचर है तो महिलाओं में 101 डिग्री सेंटीग्रेट नॉर्मल टेंपरेचर होता है. यानी महिलाओं का शरीर पुरुषों की तुलना में ज्यादा गर्म होता है और उसे वह आसानी से सहन भी कर लेती है. अध्ययन में यह भी पाया कि बुजुर्गों और कद में लंबे व्यक्तियों के शरीर का नॉर्मल तापमान भी सामान्य पुरुषों की तुलना में कम होता है. अध्ययन के मुताबिक लोग एकदम सुबह ठंडा महसूस करते हैं जबकि 4 बजे के करीब दिन में सबसे अधिक गर्म महसूस करते हैं. अध्ययन के मुताबिक महिलाओं में जब पीरियड्स होता है उसकी तुलना में जब अंडोत्सर्ग (यानी पीरियड्स के 10वें से 16 वें दिन के बीच का समय जब अंडाणु अंडाशय से फैलोपियन ट्यूब में आता है) का समय होता है तब बॉडी का टेंपरेचर ज्यादा गर्म होता है.
बुखार के लिए कपड़े और मौसम भी जिम्मेदार
अपनी रिसर्च में पाया है शोधकर्ताओं पाया कि किसी व्यक्ति के शरीर का नॉर्मल बॉडी टेंपरेचर सबका एक नहीं होता बल्कि यह उस व्यक्ति कि हाईट, वेट, उम्र और लिंग पर निर्भर करता है. यही कारण है कि कुछ लोगों के शरीर का टेंपरेचर ज्यादा होने के बावजूद उसे फीवर फील नहीं होता जबकि कुछ में थोड़ा सा बढ़ने पर बुखार का अहसास होने लगता है. अधिकांश लोगों का मानना है कि 98.6 डिग्री फारेनहाइट व्यक्ति के शरीर का नॉर्मल टेंपरेचर है. लेकिन अध्ययन में पाया गया कि यह अलग-अलग व्यक्तियों में अलग-अलग हो सकता है और इसके लिए कई चीजें जिम्मेदार हो सकती है. अध्ययन के मुताबिक शरीर का तापमान कई अन्य कारकों भी निर्भर करता है. इसके लिए कपड़े, मौसम, फिजिकल एक्टिविटी, हॉट या कोल्ड ड्रिंक आदि जिम्मेदार हो सकते हैं.
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Tags: Fever, Health, Health tips, Lifestyle
FIRST PUBLISHED : November 13, 2023, 18:27 IST
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