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नई दिल्ली:
माइग्रेन एक प्रकार का दर्द होता है जो मस्तिष्क के किसी एक हिस्से में होता है और यह एक तीव्र तेज और अच्छादिक दर्द होता है. यह दर्द अक्सर एक ओर से होता है और सामान्यत: किसी भी आंख के पास होता है, जिससे व्यक्ति को बीमार और असहज महसूस होता है. माइग्रेन के साथ अक्सर साथी लक्षण जैसे कि उल्टी, उच्च संवेदनशीलता के लिए प्रतिक्रिया, और उदासी का अहसास होता है. इसकी स्थिति कई घंटों या दिनों तक चल सकती है और यह पुनरावृत्ति के रूप में वापस आ सकती है. माइग्रेन के कारणों में उच्च तनाव, अधिक स्ट्रेस, अपनी आँखों को बहुत लंबे समय तक लापरवाही से इस रोग का होना शामिल है.
इसके अलावा, कुछ खाद्य पदार्थों और खास माहौलीक बदलाव भी माइग्रेन का कारण बन सकते हैं. यह रोग महिलाओं में अधिक पाया जाता है, लेकिन पुरुषों में भी हो सकता है. माइग्रेन का उपचार कई तरह के दवाइयों और उपायों के माध्यम से किया जा सकता है. इसके अलावा, व्यक्तिगत ध्यान, नियमित व्यायाम, और स्वस्थ जीवनशैली भी इसका समर्थन कर सकती है. यदि किसी को लगातार माइग्रेन का दर्द हो रहा है, तो वह डॉक्टर की सलाह लेना चाहिए ताकि सही उपचार की सलाह ली जा सके.
माइग्रेन के घरेलू उपचार
ताजा हवा का संपर्क: सिरदर्द होने पर ताजा हवा का संपर्क करने से लाभ मिलता है.
ठंडा पट्टी: सिरदर्द के दौरान सिर पर ठंडा पट्टी रखना सकारात्मक प्रभाव डालता है.
ध्यान और विश्राम: ध्यान की अभ्यास और पर्याप्त आराम मिलना अत्यंत महत्वपूर्ण है.
मसाज: सिरदर्द के दौरान सिर की मालिश करना राहत प्रदान करता है.
हल्दी और दूध: हल्दी को दूध में मिलाकर पिने से सिरदर्द में राहत मिलती है.
आद्रक: आद्रक का रस सिर पर लगाने से सिरदर्द में लाभ होता है.
ताजा नारियल पानी: ताजा नारियल पानी पिने से शारीरिक तंत्र को शांति मिलती है.
पेयरेथरापी: पेयरेथरापी या पानी के बर्तन से सिर को मालिश करने से सिरदर्द में राहत मिलती है.
सुंदर गंधवाले तेल: जैतून के तेल या लावंग का तेल सिर पर लगाने से राहत मिलती है.
नियमित व्यायाम: योगा और प्राणायाम सिरदर्द को कम करने में मदद कर सकते हैं.
ये घरेलू उपचार सिरदर्द में राहत प्रदान कर सकते हैं, लेकिन यदि सिरदर्द गंभीर होता है या दिन-प्रतिदिन बढ़ता है, तो डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए.
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