Weather Alert: गंगा के मैदानी इलाकों में ठंड और घने कोहरे के कारण सड़क, रेल और हवाई यातायात प्रभावित हो रहा है. पंजाब, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान इत्यादि राज्यों में रात और सुबह के समय घने कोहरे के साथ प्रचंड ठंड पड़ने लगी है. इसके कारण किसानों की फसलें भी प्रभावित हुई हैं. मौसम विभाग ने बताया है कि दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और उससे सटे दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी के ऊपर बना कम दबाव का क्षेत्र, छोटी अवधि के लिए एक दबाव में बदल सकता है और पश्चिम, दक्षिण-पश्चिम की ओर श्रीलंका में कोमोरिन क्षेत्र की ओर बढ़ सकता है.
पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) को मध्य और ऊपरी क्षोभमंडलीय पछुआ पवनों में एक द्रोणिका के रूप में देखा जाता है, जिसका अक्ष औसत समुद्र तल से 5.8 किमी ऊपर है. यह मोटे तौर पर 30 डिग्री उत्तर अक्षांश के उत्तर में 72 डिग्री पूर्व देशांतर के साथ चल रहा है. अगले 24 घंटों के दौरान, तमिलनाडु के तटीय इलाकों में एक या दो मध्यम बारिश हो सकती है. शेष देश में मौसम शुष्क रहेगा. 26 दिसंबर से पश्चिमी हिमालय में हल्की बारिश और हिमपात शुरू हो सकता है. उत्तर प्रदेश और बिहार में कोहरे की सघनता और तीव्रता में कमी आई है. पंजाब, हरियाणा और लेखक राजस्थान के कुछ हिस्सों में घना कोहरा जारी रह सकता है. कुछ हिस्सों में कोल्ड डे की स्थिति रहने की उम्मीद है.
पिछले 24 घंटों के दौरान, पंजाब, हरियाणा, उत्तरी राजस्थान, उत्तर प्रदेश और बिहार की तलहटी में भारत-गंगा के मैदानी इलाकों में घना से बहुत घना कोहरा देखा गया. पंजाब के कई हिस्सों, उत्तरी राजस्थान और हरियाणा के कुछ हिस्सों में पश्चिम उत्तर प्रदेश के एक या दो स्थानों पर कोल्ड डे की स्थिति देखी गई. मौसम विभाग ने आगामी 4 दिनों में राजस्थान के पांच जिलों में कोहरे व शीतलहर के लिए अलर्ट जारी किया है, जिसमें सीकर, चुरू, झंझनू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर शामिल हैं. उत्तर भारत के राज्यों में जहां ठंड बढ़ रही है, वहीं, हिमालयी राज्यों में कड़ाके की सर्दी का मौसम ‘चिल्ला-ए-कलां’ शुरू हो गया है.
21 दिसंबर से 31 जनवरी तक जम्मू-कश्मीर, लेह और लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड में कड़ाके की ठंड पड़ेगी. लद्दाख में झील, झरने और नदियां पूरी तरह जम गई हैं. कश्मीर में भी जल स्त्रोत बर्फ बनने लगे हैं. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में भी यही हाल है. चिल्ला-ए-कलां का समय 40 दिन का होता है. इन 40 दिनों के दौरान लद्दाख और कश्मीर में तापमान माइनस में पहुंच जाता है. चूंकि पहाड़ी राज्यों में बर्फ पड़ती है, इसलिए यहां से होकर मैदानी इलाकों में आने वाली हवाएं अपने साथ ठंड भी लेकर पहुंचती हैं. इसकी वजह से पंजाब, हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, यूपी, बिहार में गलन वाली सर्दी पड़ती है.
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Tags: Coldwave, Weather Alert, Weather Update
FIRST PUBLISHED : December 23, 2022, 05:54 IST