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सरकारी न्यूज एजेंसी ने देश के रक्षा सचिव ज़बिग्न्यू हॉफमैन के हवाले से शुक्रवार को कहा कि पोलैंड की सुरक्षा समिति ने बुधवार को एक बैठक में बेलारूस में वैगनर समूह की मौजूदगी के कारण अपनी सैन्य इकाइयों को देश के पूर्व में भेजने का फैसला किया। इस दावे के बावजूद कि वैगनर चीफ येवगेनी प्रिगोझिन रूस वापस चले गए हैं, बुधवार को एक वीडियो में उन्हें बेलारूस में अपने सैनिकों के साथ देखा गया। उन्हें यह कहते हुए भी देखा गया कि वे अब यूक्रेन युद्ध में हिस्सा नहीं लेंगे और वैगनर ग्रुप को बेलारूसी सेना को ट्रेनिंग देने के साथ-साथ अफ्रीका के लिए अपनी ताकत जुटानी है।
वैगनर ने शुरू की बेलारूसी सैनिकों की ट्रेनिंग
बेलारूसी रक्षा मंत्रालय ने गुरुवार को कहा कि वैगनर सैनिकों ने नाटो सदस्य पोलैंड के साथ सीमा से कुछ ही किलोमीटर की दूरी पर एक मिलिट्री रेंज में बेलारूसी विशेष बलों को ट्रेनिंग देना शुरू कर दिया है। विश्लेषक पहले ही बता चुके हैं कि नाटो सदस्य पर किसी भी हमले का जवाब सैन्य गठबंधन की ओर से दिया जाएगा क्योंकि किसी भी नाटो सदस्य पर हमला, सभी नाटो देशों पर हमला माना जाता है। वे शांति वार्ता की कोशिश करेंगे लेकिन अगर राजनयिक प्रयास विफल हो जाते हैं, तो उनके पास जवाब देने की सैन्य शक्ति है।
‘उकसावे की कार्रवाई है अभ्यास’
ज़बिग्न्यू हॉफमैन ने पीएपी को बताया, ‘बेलारूस की सेना और वैगनर समूह की ट्रेनिंग या संयुक्त अभ्यास निस्संदेह एक उकसावे की कार्रवाई है।’ शुक्रवार को आईं खबरों में बताया गया कि एक सैन्य टोही ड्रोन मंगलवार देर रात दक्षिण-पश्चिमी पोलैंड में, एक सैन्य प्रशिक्षण सुविधा के पास, दुर्घटनाग्रस्त हो गया। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, ड्रोन ट्रजेबियन गांव के पास जंगल में पाया गया, जब एक राहगीर ने आपातकालीन सेवाओं को फोन करके कहा कि उसने इलाके में एक वस्तु को दुर्घटनाग्रस्त होते देखा है।
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