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भिवानी. इंसानियत की जीती जागती मिसाल भिवानी के रक्तवीर राजेश डूडेजा 28 साल में 115 बार कर चुके हैं. रक्तदान वाट्सएप ग्रुप बनाकर टीम के साथ जनसेवा करते हैं. इनकी टीम में 5000 सदस्य सदस्य हैं औऱ 2500 एक्टिव सदस्य वाट्सएप पर मेसेज आते ही डोनेट करने निकल जाते हैं. शहरी की बजाय 98 फिसदी ग्रामीण डोनर हैं. कोरोना के दौरान इनकी टीम की हर तरफ़ सराहना हुई थी.
राजेश डूडेजा बताते हैं कि 1995 में जब बाढ़ आई थी तो दूर से आई एक गर्भवती महिला को रक्त की ज़रूरत थी. तब रक्तदान की मुहिम चला रहे अध्यापक प्यारेलाल सांगवान से प्रभावित होकर उस महिला के लिए उन्होंने रक्तदान किया.
तब से राजेश ने प्यारेलाल सांगवान को अपना गुरू मान लिया और तब से अब तक लगातार रक्तदान कर रहे हैं. अब तक कर चुके 115 बार रक्तदान राजेश डूडेजा 1995 से अब तक 28 साल में 115 बार ज़रूरतों के लिए रक्तदान कर चुके हैं. जो अपने आप में एक रिकॉर्ड है. अब राजेश को पूरे ज़िला में रक्तवीर के नाम से जाना जाता हैं.
115 बार रक्तदान करने पर राज़ेश के पास प्रमाण पत्रों, परस्ती पत्रों, स्मृति चिह्नों की भरमार है. रेडक्रास, नागरिक अस्पताल सहित अनेक संस्थान इन्हें सम्मानित कर चुकी हैं.
जब राजेश ने 100वीं बार रक्तदान किया तो रेडक्रास की तरफ़ से राज्यपाल ने उन्हें सम्मानित कर प्रमाण पत्र दिया था. रक्तदान महादान की मुहिम को बढ़ा रहे आगे कहते हैं कि अपने लिए तो हर कोई जीता है, पर भिवानी निवासी रक्तवीर राजेश डूडेजा व उनकी टीम किसी भी गर्भवती महिला, इसके बच्चे, किसी हादसे में घायलों व अन्य ज़रूरतों के लिए हमेशा तैयार रहते हैं.
इसके लिए इन्होंने बक़ायदा 58 वाट्सएप ग्रुप बनाए हुए है. इनकी टीम में पाँच हज़ार के क़रीब सदस्य हैं, जिनमें से ढाई हज़ार के क़रीब एक्टिव सदस्य हैं. जो ग्रुप में मेसेज आते ही रक्तदान के लिए पहुँच जाते हैं. राजेश या उनके साथी कभी दिन या रात नहीं देखते हैं. ऐसा करते ये रक्तदान महादान की मुहिम को लगातार आगे बढ़ा रहे हैं. कोरोना काल में किया सराहनीय कार्य रक्तवीर राजेश डूडेजा व उनकी टीम ने कोरोना काल में बहुत सराहनीय कार्य किया.
जब लोग अपने की मदद करने से डर रहे थे, तब भी ये और इनकी टीम रक्तदान को तैयार रहती थी. ना केवल भिवानी बल्कि दूसरे ज़िलों में भी इनकी टीम रक्तदान के लिए गई थी. जब कोरोना काल में घर से निकलना बंद था, तब से रक्तदान को खुद लाने व लेजाने का काम करते थे.
सरपंच से लेकर मंत्रियों तक की आती है सिफ़ारिश रक्तवीर राजेश डूडेजा बताते हैं कि उनकी व उनकी टीम को अब बहुत सारे लोग जानते है. कभी किसी अस्पताल से तो कभी किसी डॉक्टर की कॉल आती है. अक्सर खुद लोग भी उन्हें या उनकी टीम के डोनर को कॉल करते हैं. यही नहीं, कई बार सरपंच, पार्षद व विधायकों सहित मंत्रियों तक की कॉल आती है.
राजू का कहना है कि उनकी इस मुहिम में 98 फ़ीसदी ग्रामीण व महज़ दो फ़ीसदी शहरी डोनर हैं. रक्तवीर राजेश डूडेजा का कहना है कि रक्तदान से कभी डरें नहीं, रक्तदान से शरीर में कोई कमी या कमजोरी नहीं आती, बल्कि रक्तदान के बाद जब तेज़ी से खून बनता है तो इससे कई बीमारियों से लड़ने की ताक़त आती है.
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Tags: Bhiwani Crime News, Blood Donation
FIRST PUBLISHED : June 25, 2023, 13:58 IST
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