[ad_1]
ऐप पर पढ़ें
भारतीय कुश्ती महासंघ (WFI) के अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग को लेकर तमाम दिग्गज पहलवानों का धरना गुरुवार को दूसरे दिन भी जंतर मंतर पर जारी रहा। ऐक्शन में आते हुए खेल मंत्रालय ने खिलाड़ियों के साथ अहम बैठक की। वहीं, इस विवाद पर केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने भी बयान दिया है। उन्होंने बताया है कि वे दिल्ली में पहलवानों से मुलाकात करेंगे। सूत्रों के अनुसार, पहलवानों और केंद्रीय मंत्री के बीच यह मुलाकात आज ही रात दस बजे हो सकती है। विनेश फोगाट समेत कई पहलवानों ने डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष और भाजपा सांसद के खिलाफ यौन शोषण का आरोप लगाया है। हालांकि, सिंह ने आरोपों का खंडन किया है।
केंद्रीय खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने कहा, ”पहलवानों के आरोपों का संज्ञान लेते हुए खेल मंत्रालय ने डब्ल्यूएफआई को नोटिस भेजकर 72 घंटे में जवाब मांगा है। आगामी शिविर भी तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। मैं दिल्ली जा रहा हूं और पहलवानों से मिलूंगा” इससे पहले देश के शीर्ष पहलवानों ने गुरुवार को अपना विरोध तेज करने की बात करते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें सिर्फ आश्वासन दिया है, कोई ‘संतोषजनक जवाब नहीं’ और अगर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) को तुरंत प्रभाव से भंग नहीं किया गया तो वे डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ कई प्राथमिकी दर्ज करायेंगे। पहलवानों ने जंतर मंतर पर लगातार दूसरे दिन धरना जारी रखा और उनके साथ और भी पहलवान शामिल हुए जिन्होंने इसे ‘भारतीय कुश्ती को नया जीवन देने’ की लड़ाई करार दिया। ये डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं जिन पर यौन उत्पीड़न और धमकाने के आरोप लगाए गए हैं।
सरकार की संदेशवाहक बनीं बबीता फोगाट
तीन बार राष्ट्रमंडल खेलों की पदक विजेता और भाजपा नेता बबीता फोगाट सरकार की ‘संदेशवाहक’ बनीं और धरने पर बैठे पहलवानों को उनकी मांगे पूरी करने का आश्वासन दिया जो भारतीय कुश्ती महासंघ को भंग करने की मांग कर रहे हैं। पहलवानों ने अपने बुरे अनुभव भी साझा किये। तोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता रवि दहिया ने और अधिक समर्थन की गुहार लगायी जबकि युवा अंशु मलिक ने बताया कि पिछले साल डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष की बुल्गारिया में विश्व जूनियर चैम्पियनशिप के दौरान खिलाड़ियों के होटल में मौजूदगी ने महिला पहलवानों को किस तरह असहज कर दिया था। गौरतलब है कि 21 वर्षीय अंशु ने इस प्रतियोगिता में हिस्सा नहीं लिया था क्योंकि वह चोटिल थीं। पहलवानों की टीम को फिर सरकार से बैठक के लिए बुलाया गया जिसमें तीन बार की राष्ट्रमंडल चैम्पियन विनेश फोगाट और ओलंपिक कांस्य पदक विजेता बजरंग पूनिया तथा साक्षी मलिक और उनके पति सत्यव्रत कांदियान शामिल थे।
पहलवानों से प्रदर्शन खत्म करने को कहा गया
इन सभी ने अपने मुद्दों पर खेल सचिव सुजाता चतुर्वेदी, भारतीय खेल प्राधिकरण के महानिदेशक संदीप प्रधान और संयुक्त सचिव (खेल) कुणाल से भी चर्चा की। एक घंटे तक चली बैठक में पहलवानों से विरोध प्रदर्शन खत्म करने को कहा गया और आश्वासन दिया गया कि उनकी शिकायतों का हल निकाला जाएगा। हालांकि पहलवान ठोस और तत्काल कार्रवाई चाहते थे और उन्होंने अपना विरोध तब तक जारी रखने का फैसला किया जब तक डब्ल्यूएफआई अध्यक्ष को पद से हटा नहीं दिया जाता और राष्ट्रीय महासंघ को देश में उसके सभी राज्य कुश्ती संघ के साथ भंग नहीं कर दिया जाता। बाद में मीडिया से बात करते हुए विनेश ने बैठक में बातचीत का खुलासा नहीं किया लेकिन कहा, ”दुर्भाग्य से हमें संतोषजनक जवाब नहीं मिला। दो बार की विश्व चैम्पियनशिप विजेता विनेश ने कहा, ”कल हममें से 1-2 पहलवान ही पीड़ित थीं लेकिन अब पांच-छह पहलवान ऐसी हैं जिनका उत्पीड़न (यौन शोषण) किया गया था। हम अभी उनका नाम नहीं ले सकते, वे भी किसी की बेटी-बहन हैं। लेकिन अगर हमें उनकी पहचान के लिए बाध्य किया जाता है तो यह एक ‘काला दिवस’ होगा।”
[ad_2]
Source link