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हाइलाइट्स
कोविड-19 यानी कोरोना वायरस ने कई लोगों के जीवन को पूरी तरह से बदल दिया.
लॉकडाउन के बाद से टीनेजर्स में दिखे अलग तरह के स्ट्रेस बदलाव नोटिस किए गए हैं.
ऐसी स्थिति में अपने टीनेजर से बात करें और एक्सपर्ट की राय लें.
Stress changes in teenagers: कोविड-19 यानी कोरोना वायरस ने कई लोगों के जीवन को पूरी तरह से बदल दिया. लगभग दो साल से भी अधिक समय तक पूरी दुनिया चार दीवारी के अंदर सिमट कर रह गई थी. इस महामारी के दौरान करोड़ों लोगों का जीवन प्रभावित हुआ. यही नहीं, उसके बाद भी पूरी दुनिया में एक नया बदलाव आया है. शारीरिक के साथ-साथ लोगों के मानसिक स्वास्थ्य पर भी असर हुआ है. ऐसा भी माना गया है कि लॉकडाउन के बाद से टीनेजर्स में अलग तरह के स्ट्रेस चेंजेज आएं हैं, जिनमें एंजायटी, डिप्रेशन आदि के लक्षण शामिल हैं. कई पेरेंट्स का भी यह मानना है कि इस दौरान उनके बच्चों में नई या बिगड़ती मानसिक स्थिति के लक्षण दिखाई दिए हैं. आइए, जानें इस बारे में.
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लॉकडाउन और टीनेजर्स में स्ट्रेस बदलाव
किशोरावस्था विचारों और भावनाओं के मामले में एक कठिन समय होता है. हेल्थ लाइन के अनुसार पेरेंट्स ने महामारी के दौरान और इसके बाद अपने टीनेजर्स के स्लीप पैटर्न्स, फैमिली से अलग रहना और एग्रेसिव बिहेवियर जैसे नेगेटिव बदलाव रिपोर्ट किए. यह लक्षण डिप्रेशन या एंग्जायटी के हो सकते हैं. ऐसा पाया गया है कि कोविड-19 के दौरान लॉकडाउन के बाद लिविंग स्ट्रेस के कारण किशोरों के दिमाग तेजी से बढ़ रहा है.
इस बारे में की गई रिसर्च में यह पाया गया है कि कोरोना महामारी के बाद बच्चों में मेंटल हेल्थ डिसऑर्डर्स अधिक बढ़ गए हैं. यही नहीं, उनके माइंड के हिप्पोकैम्पस और एमिग्डाला पार्ट्स की डेवलपमेंट भी अधिक हुई है. यह भाग मेमोरी और भय जैसी फीलिंग को प्रोसेस करने में हेल्प करते हैं. 70- या 80 साल के व्यक्ति के लिए, ब्रेन में परिवर्तन के साथ कॉग्निटिव और मेमोरी प्रॉब्लम्स हो सकती हैं, लेकिन 16 साल के युवा में ऐसा होने का अर्थ है कि उनका दिमाग समय से पहले वृद्ध हो रहा है.
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इस स्थिति में क्या करना चाहिए?
अगर आप लॉकडाउन के बाद से या सामान्य रूप से भी अपने टीनेजर में स्ट्रेस चेंजेज देख रहे हैं, तो इन चीजों का ध्यान रखें:
उससे बात करें और समझाएं.
उसे उसकी पसंद का काम करने दें जैसे पेंटिंग, रीडिंग,डांसिंग आदि.
दोस्तों, परिवार या रिश्तेदारों के साथ उसे समय बिताने दें
उसकी नींद पूरी हो, इस बात का ख्याल रखें.
एक्सपर्ट से बात करें
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FIRST PUBLISHED : December 15, 2022, 20:20 IST
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