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Vitamin B: हमारे शरीर में जो खून बनता है, हमारी नसों से सिग्नल इधर से उधर जाता है, हम जो सोचते हैं, हमारी शरीर में जो मरम्मत होती है, ये सारे ऐसे काम हैं जिनमें किसी न किसी तरह से विटामिन बी की जरूरत होती है. विटामिन बी को अक्सर एनर्जी बढ़ाने, मस्तिष्क के कार्यों को सहयोग देने, स्किन को हेल्दी रखने और मेटाबोलिज्म को बूस्ट करने के लिए जाना जाता है. विटामिन बी पानी में घुलनशील विटामिन है. यह सिर्फ एक पोषक तत्व नहीं है. इसमें कई चीजें समाई हुई है. विटामिन बी 8 तरह के होते हैं. सबका अलग-अलग काम है. बी 1 यानी थायमिन से लेकर बी 12 तक हर प्रकार के विटामिन की एक विशिष्ट भूमिका होती है. चाहे वह लाल रक्त कोशिकाओं का निर्माण करना हो या भोजन को ऊर्जा में बदलने का काम हो, हर जगह विटामिन बी की जरूरत होती है. एक विटामिन का काम दूसरा विटामिन नहीं कर सकता है. प्रत्येक विटामिन का अलग-अलग काम है. इंडियन एक्सप्रेस की खबर में पब्लिक हेल्थ एक्सपर्च डॉ. जगदीश हिरेमठ बताते हैं कि सभी तरह के विटामिन बी के काम अलग-अलग है.
विटामिन बी का काम
2. विटामिन बी 2 राइबोफ्लेविन : विटामिन बी 2 त्वचा और आंखों की सेहत के लिए जरूरी है. इसकी कमी से मुंह में छाले या होंठ फट सकते हैं.
4. विटामिन बी 5 पैंटोथेनिक एसिड: विटामिन बी 5 शरीर में हार्मोन के निर्माण में सहायक है. इसकी कमी से थकान और सुन्नापन हो सकती है.
6. विटामिन बी 7 बायोटिन: विटामिन बी 7 त्वचा और बालों की सेहत को बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी है. इसकी कमी से बाल झड़ सकते हैं.
8. विटामिन बी 12 कोबालामिन: यह बहुत महत्वपूर्ण विटामिन है. यह लाल रक्त कोशिकाओं के निर्माण और तंत्रिका स्वास्थ्य के लिए जरूरी है. इसकी कमी से याददाश्त की समस्या या सुन्नता हो सकती है.
डॉ. हिरेमठ कहते हैं बी-कॉम्प्लेक्स सप्लीमेंट उन लोगों के लिए उपयुक्त हो सकता है जिन्हें बहुत ज्यादा थकान, कमजोरी और तनाव रहता है या जिनका खान-पान खराब है. क्योंकि इन सभी 8 विटामिनों का संतुलन कई बीमारियों से बचा सकता है. लेकिन अगर किसी खास विटामिन की कमी हो तो वही विटामिन लेना ज्यादा फायदेमंद है. डॉ. हिरेमठ बताते हैं कि उदाहरण के लिए विटामिन बी 12 सप्लीमेंट आमतौर पर उन लोगों को दिया जाता है जिनको पोषक तत्वों के अवशोषण में परेशानी होती है या जो शाकाहारी हैं. वहीं गर्भावस्था में फोलिक एसिड पर विशेष जोर दिया जाता है. हालांकि विटामिन बी अक्सर एक साथ काम करते हैं, इसलिए कभी-कभी विटामिन बी कॉम्प्लेक्स सप्लीमेंट भी दिया जाता है ताकि संतुलन बना रहे. किसी भी सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लेना सबसे अच्छा होता है क्योंकि हर व्यक्ति के शरीर की अलग-अलग आवश्यकताएं हैं. यह उम्र, जीवनशैली, दवाओं और स्वास्थ्य स्थितियों के अनुसार बदलती रहती हैं.
विटामिन बी को प्राप्त करने का कुदरती तरीका
डॉ. हिरेमठ के अनुसा विटामिन बी पौधों और जानवरों से प्राप्त खाद्य स्रोतों में प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं. साबुत अनाज, दालें, मेवे, बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां, दूध, अंडे, मांस और मछली इसके बेहतरीन स्रोत हैं. उदाहरण के लिए बी12 मुख्य रूप से जानवरों से मिलने वाले खाद्य पदार्थों में होता है जबकि फोलेट हरी पत्तेदार सब्जियों में प्रचुर मात्रा में पाया जाता है.
हालांकि विटामिन बी पानी में घुलनशील होते हैं और गर्मी के प्रति संवेदनशील होते हैं, इसलिए लंबे समय तक उबालने से इनकी मात्रा घट सकती है. भाप में पकाना या हल्का भूनना इन्हें सुरक्षित रखता है. शराब और बहुत अधिक प्रोसेस्ड फूड विटामिन बी के अवशोषण में बाधा डाल सकते हैं. प्रोबायोटिक या विटामिन सी युक्त खाद्य पदार्थों के साथ इनका सेवन करने से शरीर में इन्हें बेहतर ढंग से अवशोषित किया जा सकता है. जिन लोगों को पाचन संबंधी समस्याएं हैं या जो लंबे समय तक दवाएं (जैसे एंटासिड या मेटफॉर्मिन) ले रहे हैं, उन्हें सप्लीमेंट की जरूरत हो सकती है.
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