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Herbal Powder for Diabetes: डायबिटीज एक ऐसी बीमारी है जिसे अगर समय रहते कंट्रोल न किया जाए, तो ये शरीर के अलग-अलग अंगों को नुकसान पहुंचा सकती है. ये एक क्रॉनिक मेटाबॉलिक बीमारी है. यानी यह एक बार हो गया तो फिर यह आसानी से शरीर से जाता नहीं. इसका मुख्य कारण हमारी खराब डाइट, बिगड़ती लाइफस्टाइल और बढ़ते तनाव से है. जब शरीर में इंसुलिन हार्मोन की कमी हो जाती है या इंसुलिन ठीक से काम नहीं करता, तो ब्लड में शुगर का लेवल बढ़ने लगता है. शुगर बढ़ने से इसका पाचन नहीं हो पाता है तो यह शुगर खून के माध्यम से शरीर के सभी अंगों में पहुंचकर उसे नुकसान पहुंचाता है. डायबिटीज से जूझ रहे लोगों के लिए ब्लड शुगर के स्तर को संतुलित रखना बहुत जरूरी है. इसके लिए सबसे पहले खानपान पर ध्यान देना होता है हम यहां इसके लिए आयुर्वेदिक नुस्खे बता रहे हैं. वास्तव में जामुन की गुठली, सूखा हुआ करेला और गुड़मार के पाउडर से डायबिटीज को कंट्रोल किया जाता है.
टीओआई की खबर में आयुर्वेदिक और यूनानी मेडिसिन एक्सपर्ट डॉक्टर सलीम जैदी बताते हैं कि अगर डायबिटीज के मरीज एक खास हर्बल पाउडर का सेवन रोज सुबह खाली पेट करें तो वे आराम से ब्लड शुगर को कंट्रोल कर सकते हैं. इस हर्बल पाउडर को तैयार करने के लिए जिन चीज़ों का इस्तेमाल होता है, वे हैं – जामुन की गुठली, सूखा हुआ करेला और गुड़मार. ये तीनों चीजें शरीर में शुगर को नेचुरल तरीके से कंट्रोल करने में मदद करती हैं.
इन तीन चीजों से कंट्रोल करें डायबिटीज
1. जामुन की गुठल- इसमें जम्बोलिन और जैम्बोसीन नाम के तत्व पाए जाते हैं, जो ब्लड शुगर को कंट्रोल करने में मदद करते हैं. ये पाउडर पैंक्रियाज को इंसुलिन बनाने में मदद करता है. यह शरीर में कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण की प्रक्रिया को धीमा कर देता है जिससे खाने के बाद शुगर अचानक नहीं बढ़ती.
2. सूखा करेल– करेले में चरनटिन, विसिन और पोलिपेप्टाइड-P जैसे कंपाउंड पाए जाते हैं. ये नेचुरल तरीके से इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ावा देते हैं. करेले का पाउडर ग्लूकोज टॉलरेंस को बेहतर बनाता है. लोग इसे पाउडर या जूस के रूप में इस्तेमाल करते हैं, दोनों ही तरीके फायदेमंद हैं.
3. गुड़मार- गुड़मार यानी “शुगर को खत्म करने वाला”. इसके पत्तों में जिम्नेमिक एसिड होता है जो आंतों में शुगर के अवशोषण को रोकता है. यह हर्ब मीठा खाने की इच्छा को भी कम कर देता है. इसके अलावा, यह पैंक्रियाज को एक्टिव कर इंसुलिन स्राव में मदद करता है.
इस पाउडर को कैसे बनाएं
100 ग्राम जामुन की गुठली ले लें. इसके साथ 100-100 ग्राम गुड़मार और सुखा हुआ करेला ले लें. इन सबका पाउडर बना लें. इसे कूटकर पाउडर बनाया जा सकता है. जब यह बारीक हो जाए तो इसे मिक्सर में और बारीक कर लें. इसके बाद इसे एयर टाइट कंटेनर में स्टोर कर लें और पानी के साथ मिलाकर सुबह खाली पेट इसका सेवन कर लें.
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