Home Health शुगर को जड़ से खत्म करने में दवा से ज्यादा कारामाती निकला यह सिंपल तरीका, चंद मिनटों की जरूरत, रिसर्च में प्रूव

शुगर को जड़ से खत्म करने में दवा से ज्यादा कारामाती निकला यह सिंपल तरीका, चंद मिनटों की जरूरत, रिसर्च में प्रूव

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शुगर को जड़ से खत्म करने में दवा से ज्यादा कारामाती निकला यह सिंपल तरीका, चंद मिनटों की जरूरत, रिसर्च में प्रूव

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हाइलाइट्स

खून में शुगर का लेवल बढ़ने से रोकने में मेडिटेशन यानी ध्यान दवाई से कहीं ज्यादा काम करता है.
योग डायबिटीज की दवा मेटफॉर्मिन ब्लड शुगर को कम करने जितना असर करता है

Meditation can Lower Blood Sugar Levels: डायबिटीज कई बीमारियों की जड़ है. डायबिटीज की स्थिति में खून में शुगर यानी ग्लूकोज की मात्रा बढ़ जाती है जिसके कारण यह बढ़ा हुआ ग्लूकोज पूरे खून और नसों में तैरने लगता है और हार्ट, किडनी और लिवर को प्रभावित करता है. ब्लड में शुगर का अवशोषण इंसुलिन नाम का हार्मोन करता है लेकिन पैंक्रियाज से इंसुलिन बनता ही नहीं है या कम बनता है, इसलिए शुगर का अवशोषण नहीं हो पाता है. इंसुलिन बढ़ाने के लिए और ग्लूकोज का खून में लेवल एकदम न बढ़े, इसके लिए हेल्दी डाइट और दवाई ली जाती है. दवाई से ग्लूकोज को जल्दी खून में बढ़ने नहीं देता. इधर, एक रिसर्च में दावा किया गया है कि खून में शुगर का लेवल बढ़ने से रोकने में मेडिटेशन यानी ध्यान दवाई से कहीं ज्यादा काम करता है.

ध्यान और योग भारत सदियों पुरानी परंपरा है जिसका आजकल पूरी दुनिया दीवाना बन चुका है. यूनिवर्सिटी ऑफ साउदर्न कैलिफोर्निया 28 विभिन्न अध्ययनों का विश्लेषण किया और पाया कि योग और ध्यान ब्लड शुगर को कम करने में वहीं काम करता है जितना दवाई काम करता है.

योग-मेडिटेशन से ब्लड ग्लूकोज हुआ कम
ग्लोबल डायबेट्स कम्युनिटी की वेबसाइट के मुताबिक इस रिसर्च के दौरान ऐसे लोगों को शामिल किया गया था जो टाइप 2 डायबिटीज से पीड़ित थे और वे ब्लड शुगर कम करने के लिए लाइफस्टाइल टेक्निक का इस्तेमाल कर रहे थे. इसमें वे दवाई के साथ-साथ मेडिटेशन और योगा भी कर रहे थे. इसके साथ ही उनमें से कुछ लोग प्राचीन चाइनीज मार्शल आर्ट क्वी गोंग का भी अभ्यास कर रहे थे. शोधकर्ताओं ने इन सबका एक साथ विश्लेषण किया. एक तरफ सिर्फ मेडिटेशन और योगा करने वाले डायबिटीज के मरीजों की हेल्थ और ब्लड शुगर का विश्लेषण किया तो दूसरी ओर दवाई खाने के बाद ब्लड शुगर कितना कम हुआ, इसका विश्लेषण किया. अध्ययन में पाया गया कि टाइप 2 डायबिटीज से पीड़त लोग जो मेडिटेशन, योगा और क्वी गोंग टेक्निक का इस्तेमाल कर रहे थे, उनमें एचबीए1सी लेवल यानी ब्लड ग्लूकोज लेवल 0.8 प्रतिशत तक कम हो गया.

योग सबसे ज्यादा कारगर

इन सब टेक्निक में योग ने सबसे ज्यादा असर किया. अध्ययन में पाया गया कि डायबिटीज की दवा मेटफॉर्मिन ब्लड शुगर को कम करने में जितना असर करता है, उतना ही असर योग भी करता है. योग से ब्लड शुगर लेवल बहुत कम हो गया. साउदर्न कैलिफोर्निया में डिपार्टमेंट ऑफ पॉपुलेशन एंड पब्लिक हेल्थ साइंस की प्रमुख और अध्ययन की मुख्य लेखिका डॉ फातिमा सानोगो ने बताया कि इस निष्कर्ष में सबसे महत्वपूर्ण बात यह थी कि इतनी प्राचीन प्रथाओं में इतने सारे फायदे मौजूद है. उन्होंने कहा कि यह लाखों लोग के लिए बहुत बड़ी बात है क्योंकि आज पूरी दुनिया डायबिटीज से परेशान है और इसे खत्म की दिशा में अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है. आज तक इस बीमारी को पूरी तरह ठीक करने की दवा नहीं आई है. इस लिहाज से योग और मेडिटेशन के रूप में डायबिटीज मरीजों के लिए नया टूल सामने आया है. इस रिसर्च को जर्नल ऑफ इंटीग्रेटिव एंड कंप्लीमेंटरी मेडिसीन में प्रकाशित हुआ है.

Tags: Diabetes, Health, Health tips, Lifestyle

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