नई दिल्ली. संसद का पांच दिवसीय विशेष सत्र सोमवार (18 सितंबर) से शुरू होने वाला है. यह विशेष सत्र भारतीय संसद की 75 साल की यात्रा पर चर्चा के साथ शुरू होने की संभावना है, क्योंकि इसकी पहली बैठक आजादी से पहले दिसंबर 1946 में हुई थी. संसद के विशेष सत्र से पहले, केंद्र ने कार्यवाही के लिए एक अस्थायी एजेंडा जारी किया है. 18 सितंबर से 22 सितंबर तक चलने वाली पांच दिवसीय बैठक के दौरान नेताओं को जानकारी देने और उनकी राय जानने के लिए रविवार को एक सर्वदलीय बैठक आयोजित की गई थी.
संसद सत्र से बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में कांग्रेस और एनसीपी सहित कई दलों ने महिला आरक्षण विधेयक को सदन के पटल पर रखने और पारित करने की पुरजोर वकालत की है. कई नेताओं ने कहा कि लंबे समय से लंबित विधेयक को सदन के पटल पर रखा जाना चाहिए और उम्मीद जताई कि इसे आम सहमति से पारित किया जा सकता है.
संसद का विशेष सत्र: एजेंडे में क्या है?
विशेष सत्र में गणेश चतुर्थी के अवसर पर 19 सितंबर को पुराने संसद भवन से नए भवन में औपचारिक रूप से स्थानांतरण किया जाएगा. इसके अलावा मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति, सेवा की शर्तों और कार्यकाल को विनियमित करने के लिए एक विधेयक में बदलाव सहित चार प्रमुख विधेयक भी संसद में पेश किए जाने की संभावना है.
संसदीय कार्य मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि पहले दिन सत्र पुराने संसद भवन में होगा. अगले दिन यानी 19 सितंबर को पुरानी संसद में फोटो सेशन होगा, फिर सुबह 11 बजे सेंट्रल हॉल में एक समारोह होगा. उसके बाद, हम नई संसद में प्रवेश करेंगे. नई संसद का सत्र 19 सितंबर से शुरू होगा और 20 सितंबर से नियमित सरकारी कामकाज शुरू होगा.
भारतीय संसद की 75 साल की यात्रा पर चर्चा
केंद्र ने संविधान सभा से शुरू होने वाली 75 साल की संसदीय यात्रा पर एक विशेष चर्चा की रूपरेखा तैयार की है. इसमें पांच लंबित बिलों की प्रस्तुति के साथ उपलब्धियों, अनुभवों, यादों और सीखों का विश्लेषण शामिल होगा. शीर्ष सरकारी सूत्रों ने बताया कि संविधान सभा से शुरू होने वाली संसद की 75 साल की यात्रा पर विशेष चर्चा के दौरान प्रधानमंत्री मोदी लोकसभा में पहले अध्यक्ष हो सकते हैं, जबकि पीयूष गोयल राज्यसभा में पहले अध्यक्ष होंगे.
विशेष सत्र: पेश हो सकते हैं अहम विधेयक
सत्र के दौरान सरकार ने मुख्य चुनाव आयुक्त और अन्य चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति संबंधी विधेयक को विचार और पारित कराने के लिए सूचीबद्ध किया है. इसके अलावा सरकार लोकसभा में ‘अधिवक्ता (संशोधन) विधेयक, 2023’ और ‘प्रेस एवं आवधिक पंजीकरण विधेयक, 2023’ भी पेश करेगी. दोनों विधेयकों को पिछले महीने मानसून सत्र के दौरान राज्यसभा द्वारा पारित किया गया था. पोस्ट ऑफिस बिल, 2023 को भी लोकसभा के कामकाज में सूचीबद्ध किया गया है.
‘इंडिया’ गुट की भी सहमति
इंडिया गठबंधन गुट के कुल 24 दलों ने संसद के विशेष सत्र में भाग लेने पर सहमति व्यक्त की है. कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर देश की मौजूदा आर्थिक स्थिति सहित कई मुद्दों पर चर्चा और बहस की मांग की है. इस बीच, कांग्रेस ने शनिवार को मांग की कि संसद के आगामी विशेष सत्र के दौरान महिला आरक्षण विधेयक पारित किया जाए.
.
Tags: Narendra modi, New Delhi news, Parliament session, Rahul gandhi
FIRST PUBLISHED : September 17, 2023, 23:10 IST