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CERT-IN की रिपोर्ट के मुताबिक एंड्रॉइड मैलवेयर थर्ड पार्टी वेबसाइटों या ऐप्स से फैल रहा है। यह डिवाइस में इंस्टॉल होने के बाद उसकी सुरक्षा जांच को बाइपास कर देता है। इसके बाद संवेदनशील डेटा चोरी करता है। इसके बाद हैकर्स डिवाइस को कंट्रोल में लेकर बैंकिंग फ्रॉड जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं।
क्या बनाता है ‘दाम’ को खतरनाक
Daam मैलवेयर फोन कॉल रिकॉर्डिंग, कॉन्टैक्ट्स को हैक करने, कैमरे तक एक्सेस हासिल कर लेता है। साथ ही पासवर्ड बदलने से लेकर स्क्रीनशॉट कैप्चर करने, एसएमएस चोरी करने और फाइलों को डाउनलोड और अपलोडिंग का काम कर सकता है।
बचाव कैसे करें
- Daam मैलवेयर से बचने के लिए संवेदनशील दिखने वाले लिंक पर क्लिक न करें।
- अविश्वसनीय वेबसाइट पर ब्राउजिंग न करें।
- किसी अनजान ईमेल और एसएमएस में दिए गए किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।
- छोटे URL जैसे कि ‘बिटली’ और ‘टिन्यूरल’ हाइपरलिंक से सावधान रहना चाहिए।
- एंटीवायरस और एंटी-स्पाइवेयर सॉफ़्टवेयर को इंस्टॉल करें।
- किसी बैंक से आने वाली SMS बेस्ड जानकारी को दो बार वेरिफाई करना चाहिए।
- ऑनलाइन मैसेज या कॉल पर किसी भी पर्सनल जानकारी को नहीं साझा करना चाहिए।
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