Home Life Style सर्दी खत्म होते ही फिर डराने लगे अचानक मौतों के वीडियोज, जानें क्यों काम करना बंद कर रहा दिल

सर्दी खत्म होते ही फिर डराने लगे अचानक मौतों के वीडियोज, जानें क्यों काम करना बंद कर रहा दिल

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सर्दी खत्म होते ही फिर डराने लगे अचानक मौतों के वीडियोज, जानें क्यों काम करना बंद कर रहा दिल

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सर्दियां खत्म होते ही एक बार फिर से यंग लोगों के हार्ट अटैक के वीडियोज डराने लगे हैं। रिपोर्ट किए गए मामलों में मरने वाले एक शख्स की उम्र 19 साल है। वहीं बाकी लोग भी 20 से 40 के बीच है। ऐसे में जिनके सामने ये खबरें आ रही हैं उनके मन में तरह-तरह के सवाल आने लगे हैं। इन सारे मामलों में जो लक्षण दिखाई दिए हैं वो हार्ट अटैक नहीं बल्कि सडन कार्डिएक अरेस्ट या सडन कार्डिएक डेथ के हैं। यहां जानें क्या है यह समस्या…

सडन कार्डिएक डेथ में बचना मुश्किल

सडन कार्डिएक डेथ में दिल से जुड़ी हर ऐक्टिविटी अचानक बंद हो जाती है। इसमें सांस चलना या ब्लड का फ्लो सब कुछ तुरंत बंद हो जाता है। कुछ ही सेकंड्स में इंसान होश खो देता है और मौत हो जाती है। सडन कार्डिएक अरेस्ट इससे कुछ अलग होता है। इसमें हार्ट का रिदम बिगड़ता है और दिल काम करना बंद कर देता है। इसमें अगर तुरंत फर्स्ट एड जैसे सीपीआर मिल जाए तो जान बचाई जा सकती है। हार्ट अटैक में दिल में किसी क्लॉट की वजह से ब्लड का फ्लो रुक जाता है। अभी अचानक हो रही मौतें हार्ट अटैक से अलग नजर आ रही हैं। ये ज्यादातर मामले सडन कार्डिएक डेथ या कार्डिएक अरेस्ट के लग रहे हैं। 

हार्ट अटैक से मौतों के बीच हर डॉक्टर ने एक ही सलाह, आप भी करें फॉलो

इसलिए होती है अचानक मौत

सडन कार्डिएक अरेस्ट या सडन कार्डिएक डेथ यंग लोगों में ज्यादा नहीं देखी जाती। हालांकि एथलीट्स में इसके मामले काफी ज्यादा देखे जाते हैं। डॉक्टर्स बताते हैं कि सडन कार्डिएक डेथ की वजह दिल के इलेक्ट्रिकल सिग्नलिंग में गड़बड़ आने से होती है। जब हार्ट बीट बहुत तेज होती है तो दिल का निचला चैंबर खून को पंप करने के बजाय बिना मतलब में फड़फड़ाने लगता है। दिल पर किसी भी वजह से जोर पड़ता है या इसके टिश्यूज डैमेज होते हैं तो अचानक मौत होने का खतरा बढ़ जाता है। 

इन लक्षणों को न करें इग्नो

अगर आपकी हार्टबीट ज्यादा रहती है या मेहनत, एक्सरसाइज करते वक्त बेहोशी आती है तो यह दिल से जुड़ी समस्या का संकेत हो सकता है। इसके अलावा सीढ़ियां चढ़ते वक्त हांफना, सांस फूलना वगैरह भी हार्ट प्रॉब्लम की ओर इशारा करते हैं। हालांकि ये लक्षण सांस या फेफड़ों से जुड़ी बीमारी में भी होते हैं। इसलिए दिमाग में शक आने पर डॉक्टर से मिलना बेहद जरूरी है। 

क्या सलाह देते हैं डॉक्टर्स

हेल्थ एक्सपर्ट्स का मानना है कि यंग लोगों में दिल से जुड़ी समस्याएं होने की वजह उनकी खराब लाइफस्टाइल है। लोग जंक फूड खाते हैं, ऐक्टिव नहीं रहते हैं साथ ही टेंशन भी लेते हैं। ऐसे में अब यंग लोगों में ये मामले ज्यादा देखने को मिल रहे हैं। जो लोग जिम करते हैं उन्हें सलाह दी जाती है कि जरा भी असहज लगे तो कसरत तुरंत रोक देनी चाहिए। शरीर के साथ जोर-जबरदस्ती करना या बार-बार जिम जॉइन करना, छोड़ना ये सारी आदतें दिल के लिए सही नहीं। दिल की सेहत दुरुस्त रहे इसके लिए डॉक्टर्स रोजाना 45 मिनट ब्रिस्क वॉक की सलाह देते हैं। कोई डाउट हो तो चेकअप जरूर करवा लें।

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