Home Health सहारनपुर के किसान ने बनाया रामबाण सत्तू, गर्मी से बचाए, किडनी भी रखे सेफ, जानें रेसिपी

सहारनपुर के किसान ने बनाया रामबाण सत्तू, गर्मी से बचाए, किडनी भी रखे सेफ, जानें रेसिपी

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सहारनपुर के किसान ने बनाया रामबाण सत्तू, गर्मी से बचाए, किडनी भी रखे सेफ, जानें रेसिपी

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Sattu Recipe in hindi : इसकी डिमांड इतनी है कि सुधीर पूरा नहीं कर पा रहे. वे लंबे समय से फूड प्रोसेसिंग में लगे हैं. गुणों से भरपूर ये सत्तू उसी कड़ी का हिस्सा है. ये सत्तू घर में भी तैयार किया जा सकता है.

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गर्मियों

गर्मियों में किसी एनर्जी ड्रिंक से कम नहीं है किसान का यह प्रोडक्ट

हाइलाइट्स

  • सुधीर कुमार ने जौ और चने से अनोखा सत्तू तैयार किया.
  • सत्तू शरीर को ठंडक और एनर्जी देता है.
  • सत्तू की डिमांड उत्तराखंड, हिमाचल, हरियाणा में भी है.

Sattu Recipe. गर्मी का सीजन शुरू हो चुका है. इस मौसम में सेहत का खास ख्याल रखना जरूरी है. सहारनपुर के किसान सुधीर कुमार ने गर्मियों के लिए एक अनूठी चीज तैयार की है. उन्होंने एक ऐसा सत्तू बनाया है, जो शरीर को ठंडक देने के साथ एनर्जी भी बनाए रखता है. सुधीर ने जौ और चना से खास सत्तू तैयार किया है, जो गर्मियों में खूब बिक रहा है. डिमांड इतनी है कि सुधीर पूरा नहीं कर पा रहे. गर्मी शुरू होने से पहले ही इसकी बंपर डिमांड आनी शुरू हो गई थी. इस सत्तू को घर पर भी आसानी से तैयार किया जा सकता है. सुधीर लंबे समय से फूड प्रोसेसिंग कर कई तरह के प्रोडक्ट तैयार करते रहे हैं. ये सत्तू भी उसी कड़ी का हिस्सा है. डेली एक गिलास सत्तू पीने से जहां शरीर को ठंडक मिलती है, ये किडनी को भी सेफ रखता है. सुधीर का सत्तू मार्केट में 240 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है.

बर्फ की तरह ठंडा

किसान सुधीर कुमार सैनी Local 18 से कहते हैं कि सत्तू में मिला जौ प्राचीन काल से हमारी मुख्य फसलों में से एक रहा है. जौ हमारी बॉडी को शीतलता देता है. जैसे-जैसे गर्मी बढ़ती है सत्तू का प्रयोग बढ़ता जाता है. सुधीर बताते हैं कि गर्मियों में सत्तू का इस्तेमाल करने से किडनी ठीक रहती है. किडनी में स्टोन या उसमें दूसरे रोग नहीं होते. सत्तू अधिकतर गर्मियों में ज्यादा इस्तेमाल होता है लेकिन इसे पूरे साल खाया जा सकता है. बीमारी के समय जब कुछ खाने का मन नहीं करता, उस वक्त सत्तू हमारी बॉडी को एनर्जी देता है.

कैसे करें तैयार

सुधीर बताते हैं कि सत्तू बनाने के लिए केवल जौ की जरूरत पड़ती है. सबसे पहले जौ को 12 से 15 घंटे के लिए भिगोकर रखते हैं. फिर उसे सुखाया जाता है. सूखने के बाद जौ को हल्का रोस्ट किया जाता है. रोस्ट करने के बाद जौ की पिसाई की जाती है. जब ये पाउडर फॉर्म में हो जाता है, मतलब आपका सत्तू तैयार है. सुधीर ने दो तरह के सत्तू तैयार किए हैं, जिनकी काफी डिमांड है. इसमें एक जौ और दूसरा चने का सत्तू है. उनका सत्तू उत्तराखंड, हिमाचल, हरियाणा में भी खूब बिक रहा है. फिलहाल एक महीने में 500 से 600 किलो सत्तू बिक रहा है. आधी और एक किलो की पैकिंग करते हैं. 240 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिकता है.

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रामबाण है इस किसान का सत्तू, गर्मी से बचाए, किडनी भी रखे सेफ, जानें रेसिपी

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