Home Life Style सावन संकष्टी चतुर्थी आज, जान लें मुहूर्त, चंद्र अर्घ्य समय, व्रत और पूजा विधि, 1 उपाय से धन-समृद्धि पाएं

सावन संकष्टी चतुर्थी आज, जान लें मुहूर्त, चंद्र अर्घ्य समय, व्रत और पूजा विधि, 1 उपाय से धन-समृद्धि पाएं

0
सावन संकष्टी चतुर्थी आज, जान लें मुहूर्त, चंद्र अर्घ्य समय, व्रत और पूजा विधि, 1 उपाय से धन-समृद्धि पाएं

[ad_1]

हाइलाइट्स

इस साल सावन माह में 2 संकष्टी चतुर्थी व्रत हैं.
संकष्टी चतुर्थी पूजा मुहूर्त: सुबह 05 बजकर 26 मिनट से सुबह 10 बजकर 40 मिनट तक.
चंद्र अर्घ्य का शुभ समय: रात में 10 बजकर 12 मिनट पर.

आज 6 जुलाई गुरुवार को सावन संकष्टी चतुर्थी है, इसे गजानन संकष्टी चतुर्थी भी कहते हैं. हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. इस साल सावन माह में 2 संकष्टी चतुर्थी व्रत हैं. सावन माह में शिव परिवार की पूजा करते हैं. गणपति बप्पा को प्रसन्न करने और अपने मनोकामनाओं की पूर्ति के लिए सावन संकष्टी चतुर्थी पर गणेश जी की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए. जो लोग किसी भी प्रकार के संकट से जूझ रहे हैं, उनको यह व्रत अवश्य करना चाहिए क्योंकि इसके पुण्य प्रभाव से संकट ​दूर होते हैं. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं सावन संकष्टी चतुर्थी व्रत और पूजा विधि, चंद्र अर्घ्य समय, पूजा मुहूर्त और ज्योतिष उपाय.

सावन संकष्टी चतुर्थी 2023 मुहूर्त
सावन कृष्ण चतुर्थी तिथि का प्रारंभ: आज, गुरुवार, सुबह 06 बजकर 30 मिनट से
सावन कृष्ण चतुर्थी तिथि का समापन: कल, शुक्रवार, सुबह 03 बजकर 12 मिनट पर
प्रीति योग: आज, प्रात:काल से लेकर देर रात
संकष्टी चतुर्थी पूजा मुहूर्त: सुबह 05 बजकर 26 मिनट से सुबह 10 बजकर 40 मिनट तक
चंद्र अर्घ्य का शुभ समय: रात में 10 बजकर 12 मिनट पर

यह भी पढ़ें: सावन में करें बेलपत्र के 5 आसान उपाय, धन-दौलत से भर जाएगी झोली, मिलेगा संतान सुख और कार्य में सफलता

संकष्टी चतुर्थी पर पंचक और भद्रा का साया
आज संकष्टी चतुर्थी वाले दिन पंचक और भद्रा का साया है. भद्रा सुबह में 05:29 बजे से सुबह 06:30 बजे तक है. वहीं पंचक दोपहर 01:38 बजे से शुरू होगा और कल प्रात: 06:29 बजे तक रहेगा.

संकष्टी चतुर्थी व्रत और पूजा विधि
आज प्रात: स्नान करने के बाद संकष्टी चतुर्थी व्रत और गणेश पूजा का संकल्प करें. उसके बाद शुभ मुहूर्त में एक चौकी पर पीला या ला वस्त्र बिछाकर गणेश मूर्ति की स्थापना करें. फिर उनका अभिषेक करें. उनको वस्त्र, जनेऊ, चंदन, फूल, माला आदि से सुशोभित करें. गणपति बप्पा की पूजा अक्षत्, सिंदूर, पान, सुपारी, दूर्वा, हल्दी, धूप, दीप, फल, फूल आदि से करें.

यह भी पढ़ें: जुलाई में शुक्र-बुध की युति, बनेगा लक्ष्मी नारायण योग, 3 राशिवालों को जमकर होगा धन लाभ, कर्ज से मिलेगी मुक्ति

बप्पा को तुलसी के पत्ते न अर्पित करें. गणेश जी को मोदक या लड्डू का भोग लगाएं. ओम गं गणपतये नमो नम: मंत्र का उच्चारण करें. गणेश चालीसा और संकष्टी चतुर्थी व्रत का पाठ करें. उसके बाद गणेश जी की विधिवत आरती उतारें. पूजा के बाद मनोकामना पूर्ति की प्रार्थना करें.

रात के समय में चंद्रमा की पूजा करें. चंद्र देव को दूध और जल में अक्षत् और सफेद फूल डालकर अर्घ्य दें. चंद्रमा पूजा करने से संकष्टी चतुर्थी व्रत फलित होता है. फिर नियमानुसार पारण करके व्रत को पूरा करें.

धन-समृद्धि के लिए गणेश जी के उपाय
1. आज गणेश पूजन के समय गजानन महाराज के पेट पर दूर्वा की 11 पत्तियां चिपका दें. ऋणहर्ता गणेश स्त्रोत का पाठ करें. आपके घर में धन का आगमन होने लगेगा. कर्ज से मुक्ति मिलेगी. परिवार में सुख और समृद्धि आएगी.

2. आज गणेश पूजा के दौरान गणपति बप्पा को लाल सिंदूर अर्पित करें. पूजा के बाद उस सिंदूर को उनके चरण से लगाकर अपने माथे पर तिलक करें. गणेश कृपा से आपकी मनोकामनाएं पूरी होंगी.

Tags: Dharma Aastha, Lord ganapati, Sawan

[ad_2]

Source link