[ad_1]
भारत में कई खूबसूरत और प्राचीन मंदिर हैं, जिनका एक अलग इतिहास है। ककनमठ मंदिर एक ऐसा मंदिर है, आपको यह सुनकर हैरानी होगी कि इस विशाल मंदिर को सिर्फ एक रात में बनाया गया था। ककनमठ मंदिर ग्वालियर शहर से लगभग 70 किमी दूर मुरैना के सिहोनिया में स्थित है। जो देश-विदेश के आकर्षण का केंद्र है। ऐसे में आपको बता रहे हैं इस प्राचीन मंदिर के बारे में, जिसे भूतों का मंदिर कहते हैं। जानिए इस मंदिर से जुड़ी कुछ जरूर बातें-
सिहोनियां से है दो किमी दूर
ककनमठ मंदिर भले ही दुनिया के सात अजूबों में शामिल न हो पाया हो, लेकिन इस रहस्यमयी मंदिर की खासियत यह है कि जो भी इसके बारे में सुनता है, इसे देखने का मन जरूर करता है। मंदिर सिहोनियां से करीब दो किमी की दूरी पर है। इसके अलावा ये मंदिर जमीन से लगभग 115 फुट की ऊंचाई पर स्थित है। इस मंदिर में घुसते ही जमीन पर मंदिर के टूटे अवशेष नजर आने लगेंगे।
निर्माण में नहीं हुआ सीमेंट का इस्तेमाल
ककनमठ मंदिर के निर्माण में सीमेंट की किसी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया गया है। सभी पत्थर एक के ऊपर एक रखे हुए हैं। इस मंदिर का संतुलन पत्थरों पर इस तरह बना है कि तूफान उसे हिला नहीं सका।
भगवान शिव को समर्पित है मंदिर
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण विभाग ने ककनमठ मंदिर की सीढ़ियों के पास एक पत्थर पर इसका इतिहास लिखा है, जिससे आप इस मंदिर के बारे में थोड़ा बहुत जान सकते हैं। ये प्राचीन मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। मंदिर में जाने से पहले दोनों तरफ कई खम्बें हैं।
क्यों कहते हैं भूतों का मंदिर
इस मंदिर को लेकर लोगों का मानना है कि इसे भूतों ने बनाया है। जिसे एक रात में पूरा किया गया था। कहते हैं कि मंदिर बनाते-बनाते सुबह हो गई और फिर इसके निर्माण को फिर बीच में छोड़ना पड़ गया।
यह भी पढ़ें: Pashupatinath Temple: नेपाल के काठमांडू में है पशुपतिनाथ मंदिर, जानिए यहां कैसे पहुंचे
[ad_2]
Source link