Home Life Style सीजनी नहीं अब करिए औषधीय खेती, बिना लागत होगी कमाई, पेट की बीमारियों के लिए है संजीवनी

सीजनी नहीं अब करिए औषधीय खेती, बिना लागत होगी कमाई, पेट की बीमारियों के लिए है संजीवनी

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सीजनी नहीं अब करिए औषधीय खेती, बिना लागत होगी कमाई, पेट की बीमारियों के लिए है संजीवनी

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patharchatta plant ke fayde in hindi: मुजफ्फरपुर के राजू कुमार चौधरी 20 सालों से औषधीय पौधों की खेती कर रहे हैं. हम आपको जिस औषधीय पौधे के बारे में बताने जा रहे हैं उसकी खेती करने में लागत भी नहीं आएगी.

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किसान

किसान राजू कुमार चौधरी

मुजफ्फरपुर: आजकल लोग गलत खान-पान और लाइफस्टाइल के कारण तमाम तरह की शारीरिक दिक्कतों से जूझते रहते हैं. इसके इलाज के लिए लोग अंग्रेजी से लेकर आयुर्वेदिक दवाओं तक का सहारा लेते हैं. हालांकि, हमारे और आपके आसपास तमाम ऐसे पेड़-पौधे होते हैं जो अपने आप में तमाम बीमारियों की दवा होते हैं. हालांकि, कई लोग ऐसे ही औषधीय पौधों की खेती कर अच्छी कमाई भी कर रहे हैं. ऐसे ही एक शख्स से आज हम आपको मिलाने जा रहे हैं जो मुजफ्फरपुर के बोचहा सरफुद्दीन पुर गांव के रहने वाले हैं. सरफुद्दीन पुर गांव के राजू कुमार चौधरी इन दिनों औषधीय पौधों की खेती कर अच्छी कमाई कर रहे हैं.

राजू पिछले 20 सालों से औषधीय पौधों की खेती करते हैं. वह खेत में तरह-तरह के औषधीय पौधे लगाए हुए हैं. राजू बताते हैं कि इसकी खेती में एक रुपया की लागत नहीं लगती और फायदा अच्छा खासा हो जाता है. एक पेड़ वह 40 रूपये में बेचते हैं. राजू बताते है प्रकृति ने हमें कई ऐसे तोहफे दिए हैं जिनमें औषधीय गुण भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं. इन्हीं में से एक है पत्थरचट्टा का पौधा. यह पेट से जुड़ी गंभीर बीमारियों के लिए संजीवनी बूटी का काम करता है. आयुर्वेद में सदियों से पत्थरचट्टा का इस्तेमाल तरह-तरह की बीमारियों के इलाज में किया जाता है. यह कैंसर, डायबिटीज, फंगल इन्फेक्शन, सूजन और किडनी की पथरी जैसी कई गंभीर बीमारियों के लिए फायदेमंद है. पत्थरचट्टा के पत्तों का रस पीना या पत्तियों को पीसकर लेप बना कर लगाने से कई गंभीर बीमारी भी ठीक हो जाती हैं.

आयुर्वेद में पत्थरचट्टा का इस्तेमाल खांसी और सांस से जुड़ी बीमारियों के लिए भी किया जाता है. इसके अंदर एक खास गुण होता है जो कफ को कम करता है. अगर आपको खांसी या दमा जैसी कोई परेशानी है तो आप पत्थरचट्टा के पत्ते को पीसकर इसका रस पी सकते हैं. इससे आपको काफी आराम मिलेगा. इसके साथ ही पेट में पत्थर हो तो आप पत्थरचट्टा के पत्ते को पीसकर इसका रस पी सकते हैं. इससे पत्थर गल जाता है. लंबे समय से अगर आप पाइल्स जैसी बड़ी बीमारी से परेशान हैं तो उसके लिए भी आप इसका इस्तेमाल कर सकते हैं. पाइल्स में भी यह काफी फायदेमंद होता है.

पत्थरचट्टा में पाए जाने वाले अलग-अलग बायोएक्टिव कंपाउंड के कारण यह हमारी इम्युनिटी को मजबूत बनाने में काफी फायदेमंद है. नियमित रूप से इसके पत्तों का सेवन करने से शरीर को इन्फेक्शन से लड़ने की क्षमता मिलती है और कई तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है.

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बिना लागत करें औषधीय खेती, होगी अच्छी कमाई, पेट की दिक्कतों के लिए है संजीवनी

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