न मुद्दों पर न दे फ्री का ज्ञान
स्टॉक मार्केट में निवेश की सलाह देने से बचना चाहिए। साथ ही हेल्थ से जुड़ी सलाह बिना जानकारी नहीं देना चाहिए।
तय होगी जवाबदेही
एडवर्टाइजिंग स्टैंडर्ड्स काउंसिल ऑफ इंडिया की ओर से अपनी कुछ गाइडलाइंस में बदलाव किया गया है। नए नियमों के तहत हेल्थ और फाइनेंश से जुड़ी जानकारी देने वालों की जवाबदेही तय की जाएगी।
कौन से पाएगा सलाह
अगर आप उस विषय के जानकार हैं या आपके पास कोई डिग्री हैं। या फिर अगर आप इंफ्लूएंसर हैं, तो आपको रजिस्टर्ड कराना होगा और अपना रजिस्ट्रेशन दिखाना होगा।
क्या हैं नए नियम
फाइनेंशियल इंफ्लूएंसर को सेबी में खुद को रजिस्टर्ड कराना होगा। उसके बाद ही निवेश संबंधी सलाह दे पाएंगे। नए नियमों के तहत इन्फ्लूएंशर को रजिस्ट्रेशन नंबर, नाम डिस्प्ले करना होगा।
फाइनेंस फील्ड से जुड़े इन्फ्लूएंसर को भारतीय बीमा नियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई) से लाइसेंस लेना होगा। अगर आपके पास सीए की डिग्री हैं, तो लाइसेंल लेने की जरूरत नहीं है।
मेडिकल फील्ड के इंफ्लूएंसर के पास नर्सिंग, न्यूट्रिशन, डाइट, फिजियोथेरेपी, मनोविज्ञान की डिग्री है, तभी वो मेडिकल सुझाव दे पाएंगे।
अगर आप इन नियमों का उल्लंघन करते हैं, तो आप पर आर्थिक और दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। साथ ही आपके सुझाव या जानकारी देने पर बैन लगाया जा सकता है।