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Science Behind Fart: कुछ भी अनहेल्दी या जंक फूड खाने के बाद होने वाले फार्ट से बदबू फैलाने के कारण आप भी शर्मिंदा हुए होंगे. लोगों ने स्कूल या कॉलेज टाइम में फार्ट के साथ होने वाली आवाज या फैलने वाली दुर्गंध के कारण आपका मजाक भी बनाया होगा. हालांकि, ये शरीर की एक नेचुरल प्रक्रिया है. इसमें शर्मिंदा होने या मजाक बनाने जैसा कुछ भी नहीं है. फार्ट के पीछे पूरा विज्ञान है. आइए जानते हैं कि हमें फार्ट क्यों आते हैं और उनमें दुर्गंध क्यों होती है?
फार्टिंग को कटिंग द चीज़, ब्लोइंग अ रस्पबेरी, लेटिंग इट रिप, पासिंग गैस, ब्रेकिंग विंड और टूटिंग जैसे कई नामों से जाना जाता है. ये हमारे शरीर का बेसिक फंक्शन है. जब हमारे पेट में गैस का कुछ गैसों का दबाव बढ़ जाता है तो आवाज के साथ या बिना आवाज के रेक्टम से गैसों का रिलीज होना फार्ट कहलाता है. हालांकि, ये जरूरी नहीं है कि हर बार आपके फार्ट में दुर्गंध आए. कई बार फार्ट में किसी तरह की गंध नहीं होती है.
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विज्ञान के मुताबिक क्यों आते हैं फार्ट
फार्टिंग एक सामान्य शारीरिक प्रक्रिया है. दरअसल, जब बड़ी आंत में बैक्टीरिया हमारे आहार में उन चीजों को चयापचय करते हैं, जिन्हें हम चयापचय नहीं कर सकते हैं तो फार्ट आते हैं. ह्यूस्टन मेथोडिस्ट गैस्ट्रोएंटरोलॉजी एसोसिएट्स में गैस्ट्रोएंटरोलॉजिस्ट डॉ. ईमोन क्विगले के मुताबिक अगर हम इस प्रक्रिया में बनने वाली गैसों को शरीर से बाहर नहीं निकालते हैं तो हम फट सकते हैं. वह कहते हैं कि हम फार्ट या डकार के जरिये चयापचय में बनने वाली गैसों को शरीर से बाहर निकालते हैं. डकार ज्यादातर उस हवा के कारण आती है, जिसे हम भोजन के साथ निगल लेते हैं. इसमें हम ऊपरी जीआई पथ यानी पेट और अन्नप्रणाली से गैस छोड़ते हैं. वहीं, पेट फूलना निचले जठरांत्र पथ (GI Tract) में होता है.

फार्ट में सिर्फ एक गैस के कारण तेज दुर्गंध आती है.
फार्ट में तेज दुर्गंध क्यों आती है
ज्यादातर बार हमारे फार्ट पर कोई ध्यान नहीं देता क्योंकि उनसे ना तो आवाज आती है और ना ही किसी तरह की दुर्गंध फैलती है. दरअसल, इस तरह के फार्ट में नाइट्रोजन, ऑक्सीजन, हाइड्रोजन, कार्बन डाइऑक्साइड और मीथेन जैसी गंध रहित गैसें पास होती हैं. वहीं, जिन फार्ट में हाइड्रोजन सल्फाइड गैस शामिल होती है, उनमें सड़े हुए अंडों की जैसी दुर्गंध आती है. हाइड्रोजन सल्फाइड अपचनीय भेाजन को पचाने में मदद करने वाले रोगाणुओं का अपशिष्ट है. इसके अलावा कई दूसरे कारणों से भी फार्ट में बदबू आती है. मांस को पचाने के दौरान बनने वाले बाय-प्रोडक्ट भी फार्ट में बदबू पैदा करते हैं.
क्या खाने से ज्यादा फार्ट आते हैं
डॉ. क्विगले कहते हैं कि जब भी कोई मरीज ज्यादा गैस बनने की शिकायत करता है तो हम सबसे पहले उसकी डाइट पर गौर करते हैं. जिन लोगों के खाने में ग्लूकोज, लैक्टोज और फ्रैक्टोज जैसे शुगर कंटेंट ज्यादा रहते हैं, उन्हें ज्यादा गैस बनने की शिकायत होती है. वहीं, ब्लैक या किडनी या पिंटो बींस के कारण भी ज्यादा गैस बनती है. जो लोग चीज़, आइसक्रीम जैसे ढेयरी प्रोडक्ट ज्यादा इस्तेमाल करते हैं, उन्हें फार्ट ज्यादा आते हैं. फलों में अगर आप सेब, नाशपाती, शुगर फ्री कैंडीज, सब्जियों में ब्रोकली, बंदगोभी, अंकुरित अनाज, खीरा, प्याज और गाजर खाने वालों को ज्यादा गैस बन सकती है. अंडे और कॉफी का ज्यादा इस्तेमाल करने वालों के फार्ट में भी ज्यादा दुर्गंध आती है.
अगर आपको ज्यादा फार्ट आते हैं तो नजरअंदाज करने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लें.
डॉक्टर को कब दिखाना सही है
डॉ. क्विगले कहते हैं कि कुछ लोगों को शर्करा और कार्ब्स को पचाने में कठिनाई होती है. अगर किसी को पेट से जुड़े रोग हें तो हम मरीज को हल्का खाना खाने की सलाह देते हैं, जिसे आसानी से पचाया जा सके. ज्यादा कार्बोहाइड्रेट फूड पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकते हैं. इनसे गैस, पेट में दर्द, सूजन, कब्ज और दस्त जैसी दिक्कतें हो सकती हैं. वह कहते हैं कि जब भी आपको बहुत ज्यादा फार्ट आने लगें या पेट में दर्द रहने लगे तो डॉक्टर का परामर्श लेना सही रहता है. इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए.
क्यों आते हैं बहुत ज्यादा फार्ट
बहुत ज्यादा फार्ट के लिए कई कारण जिम्मेदार होते हैं. अगर किसी व्यक्ति को दूध से बनी चीजों से दिक्कत है तो उसे कार्बोहाइड्रेट फूड पचाने में दिक्कत होगी और उसे ज्यादा फार्ट आएंगे. इसके अलावा अगर किसी को पेट के आसंजन, पेट की हर्निया और डंपिंग सिंड्रोम है तो गैस के इंटेस्टाइन में घूमने की प्रक्रिया पर असर पड़ता है. वहीं, शुगर के मरीजों को गैस्ट्रोपैरेसिस की दिक्कत होने पर पेट आसामान्य तरीके से व्यवहार करने लगता है. इसमें बहुत ज्यादा गैस बनने की दिक्कत हो सकती है. कई बार किसी बीमारी की बहुत ज्यादा दवाइयां लेने से भी गैस बनने लगती है. इसीलिए डॉक्टर्स कुछ दवाइयों के साथ गैस की दवाइयों को अनिवार्य रूप से देते हैं.
एक व्यक्ति एक दिन में 21 बार तक गैस पास करता है.
फार्ट को रोकने पर क्या होगा
सार्वजनिक जगह पर अमूमन लोग फार्ट को रोकने की कोशिश करते हैं. ये आपके स्वास्थ्य के लिहाज से बिलकुल ठीक नहीं है. इससे आपको उल्टी आ सकती है या पेट में तेज दर्द शुरू हो सकता है. कई बार ऐसा करने पर आपको एसिडिटी की शिकायत भी हो सकती है. गैस का दबाव बढ़ने पर आप नियंत्रण खो सकते हैं और जोरदार आवाज के साथ गैस पास हो सकती है. इससे आप ज्यादा शर्मनाक स्थिति में पहुंच सकते हैं. बेहतर होगा कि आप निश्चित होकर किसी एकांत जगह पर गैस पास कर दें. डॉक्टर क्विगले का कहना है कि अगर गैस बहुत ज्यादा बन रही है और उसको जबरदस्ती रोकने की कोशिश करते हैं तो पेट फट भी सकता है. फार्ट से किसी तरह की बीमारी नहीं फैलती है.
फार्ट से जुड़े कुछ फन फैक्ट
महिलाओं को पुरुषों के मुकाबले ज्यादा फार्ट आते हैं. हालांकि, वे गैस पास करने के मामले में ज्यादा स्मार्ट होती हैं और किसी को पता नहीं लगने देतीं. एक व्यक्ति एक दिन में 13 से 21 बार तक गैस पास करता है. हाइड्रोजन और मीथेन गैस वाले फार्ट ज्वलनशील होते हैं, लेकिन इसका परीक्षण करने की कोशिश घातक साबित हो सकती है. फार्ट 10 फीट प्रति सेकेंड की गति से हवा में फैलता है. फार्ट पर सबसे पहला रिकॉर्डेड जोक 1900 में बनाया गया था.
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Tags: Diseases increased, Health News, Healthy Diet, Healthy Foods, Intestine
FIRST PUBLISHED : February 08, 2023, 15:34 IST
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