[ad_1]
आप कहानी लिखते हैं, उपन्यास रचते हैं तो लेखन के माध्यम से एक बड़ा पुरस्कार जीतने का मौका आपके पास है. देवसरे न्यास कार्यकारणी ने हरिकृष्ण देवसरे बाल साहित्य पुरस्कार के लिए आवेदन मंगाए हैं. बाल साहित्य से जुड़ी रचना भेजने की अंतिम तिथि 24 जुलाई है. देवसरे न्यास कार्यकारिणी समिति में वर्तमान में वरिष्ठ साहित्यकार बालस्वरूप राही, डॉ. मधु पंत, देवेंद्र मेवाड़ी, डॉ. विमलेशकांति वर्मा, क्षमा शर्मा, ब्रजेंद्र त्रिपाठी और मानसरंजन महापात्रा शामिल हैं.
हरिकृष्ण देवसरे न्यास की कार्यकारी समिति सदस्य वरिष्ठ बाल साहित्यकार क्षमा शर्मा ने बताया कि देवसरे बालसाहित्य पुरस्कार की राशि 75,000 रुपये है. यह पुरस्कार हिंदी में मौलिक बाल साहित्यकार को प्रदान किया जाता है. बाल साहित्य की विधा कुछ भी हो सकती है.
सभी बाल साहित्यकार इस पुरस्कार के लिए आवेदन कर सकते हैं. हालांकि देवसरे ट्रस्ट से जुड़े लेखक इस योजना में भाग नहीं ले सकते हैं. लेखक को अपनी रचना की चार प्रतियां भेजनी होंगी. ये प्रतियां पुस्तक या पाण्डुलिपि के रूप में हो सकती हैं. खास बात ये है कि रचनाएं लेखक द्वारा स्वयं लिखी हुई और हिंदी में होनी चाहिए. किसी अन्य भाषा से हिंदी में अनुवाद नहीं होना चाहिए. रचना 5 से 14 वर्ष आयु के बच्चों को ध्यान में रखकर लिखी होनी चाहिए. रचना कम से कम 5,000 शब्दों की होनी चाहिए. अगर लेखक देवसरे न्यास से पहले भी पुरस्कृत हो चुका है तो पुरस्कृत होने के 5 वर्षों तक फिर से आवेदन नहीं किया जा सकता है.
अगर आपकी रचना किसी अन्य पुरस्कार के लिए विचारार्थ या स्वीकृत की गई है या पुरस्कृत की गई है तो ऐसे कृति को पुरस्कार के लिए चयनित नहीं किया जाएगा.
साइकिल, मोटर से तो टकरा सकती है, हवाई जहाज से नहीं – जानिए, फ़िराक़ गोरखपुरी ने क्यों कहा था
यदि आप अपनी रचना इस पुरस्कार के लिए भेजना चाहते हैं तो सबसे पहले आपको इस लिंक bit.ly/baalsahitya_puraskaar अपनी प्रविष्टि के बारे में आवश्यक जानकारी ऑनलाइन जमा करनी होगी. पुरस्कार के बारे में पूरी जानकारी www.bachchaa.com वेबसाइट से हासिल की जा सकती है.
हरिकृष्ण देवसरे
डॉ. हरिकृष्ण देवसरे बाल साहित्य के मूर्धन्य साहित्यकार थे. उन्होंने हिंदी बाल साहित्य को एक अलग मुकाम दिया. उन्होंने न केवल प्रचुर मात्रा में बाल साहित्य की रचना की बल्कि इस क्षेत्र में अनेक नई बहसों और आंदोलनों को खड़ा किया.
हरिकृष्ण देवसरे ने बाल साहित्य संबंधी 300 से अधिक पुस्तकें लिखीं. बच्चों की पत्रिका ‘पराग’ का संपादन कर पत्रकारिता के नए मानक स्थापित किए. अनुवाद में बाल साहित्य से बाल मनोविज्ञान तक देशी-विदेशी धरोहर से हिंदी बालसाहित्य को निखारा. उन्होंने हिंदी में बच्चों के लिए कॉलम लेखन की भी शुरुआत की.
डॉ. देवसरे आकाशवाणी में 25 वर्षों तक विभिन्न पदों पर कार्य करने के अतिरिक्त रेडियो धारावाहिकों का लेखन किया. दूरदर्शन के लिए दस से अधिक धारावाहिकों, बीस वृत्तचित्रों और दस टेलीफिल्मों का लेखन, निर्देशन तथा निर्माण भी किया है. उन्होंने “विज्ञान प्रसार” में मानद फेलो और विशेष सलाहकार के तौर पर कार्य किया. बाल साहित्य में विशेष योगदान के लिए वर्ष 2011 में उन्हें साहित्य अकादमी ने सम्मानित किया.
हरिकृष्ण देवसरे बाल साहित्य पुरस्कार
हरिकृष्ण देवसरे बाल साहित्य पुरस्कार की शुरूआत वर्ष 2014 में की गई थी. उस वर्ष डॉ. जाकिर अली रजनीश को उनकी कृति ‘गणित का जादू’ के लिए उन्हें यह पुरस्कार प्रदान किया गया.
2019 में रमाशंकर को उनकी कृति ‘मिशन ब्लू प्लैनेट’ के लिए उन्हें ‘हरिकृष्ण बाल साहित्य पुरस्कार’ से सम्मानित किया गया. डॉ. भैरूं लाल गर्ग और विभा देवसरे को ‘बाल साहित्य सम्मान’ प्रदान किया गया. वर्ष 2015 में यह सम्मान बालकृष्ण गर्ग को उनके बालगीत संग्रह ‘बालकृष्ण गर्ग के बालगीत’ के लिए प्रदान किया गया. इस वर्ष दो अन्य साहित्यकार योगेंद्र कुमार लल्ला और डॉ. हेम भटनागर को बाल साहित्य सम्मान प्रदान किया गया.
वर्ष 2016 में पंकज चतुर्वेदी और डॉ. प्रदीप शुक्ल को ‘हरिकृष्ण बाल साहित्य पुरस्कार’ दिया गया. बाल साहित्य सम्मान के लिए बालकराम नागर और शांति अंग्रवाल को चुना गया.
ब्रेकिंग न्यूज़ हिंदी में सबसे पहले पढ़ें News18 हिंदी| आज की ताजा खबर, लाइव न्यूज अपडेट, पढ़ें सबसे विश्वसनीय हिंदी न्यूज़ वेबसाइट News18 हिंदी|
Tags: Books, Hindi Literature, Hindi Writer, Literature
FIRST PUBLISHED : April 27, 2023, 12:24 IST
[ad_2]
Source link