Home Life Style 1000 साल पुराना वो मंदिर, जहां साल में बस 2 बार पहुंचती है सूरज की क‍िरण, आर्किटेक्‍ट देख नतमस्‍तक हैं व‍िदेशी

1000 साल पुराना वो मंदिर, जहां साल में बस 2 बार पहुंचती है सूरज की क‍िरण, आर्किटेक्‍ट देख नतमस्‍तक हैं व‍िदेशी

0
1000 साल पुराना वो मंदिर, जहां साल में बस 2 बार पहुंचती है सूरज की क‍िरण, आर्किटेक्‍ट देख नतमस्‍तक हैं व‍िदेशी

[ad_1]

भारत संस्‍कृति, कला और व‍िज्ञान की व‍िरासत का इतना धनी है कि दुन‍िया के कई देशों के व‍िद्वानों ने हमसे ज्ञान ल‍िया है. लेकिन कई बार वेस्‍टर्न कल्‍चर की ओर देखते हुए हम अपनी इस व‍िरासत को भूल जाते हैं. आज आर्किटेक्‍ट और साइंस की बात जब भी आती है, हम व‍िदेश की तरफ देखते हैं, उनकी इमारतों की तारीफ करते हैं. लेकिन क्‍या आप जानते हैं कि भारत का एक ऐसा मंद‍िर है, ज‍िसमें फ‍िज‍िक्‍स, एस्‍ट्रोनॉमी, ज्‍योति‍ष, साहित्‍य और वास्‍तुकला का चौंका देनेवाला वो नमूना है कि आज के आर्किटेक्‍ट और वैज्ञानि‍क भी उसके रहस्‍य को समझ नहीं पाते. ये मंदिर है मोढेरा का सूर्य मंदिर जो खगोलीय विज्ञान और कलात्मक निपुणता का उदाहरण है. 1000 साल से गुजरात के मोढेरा का ये सूर्य मंदिर अंतरिक्ष के रहस्‍यों और सूर्य-पृथ्‍वी के र‍िश्‍ते को ब‍िलकुल सटीक द‍िखाता है. इस मंदिर को बनाने में ज‍िस तरह के वैज्ञान‍िक पद्धतियों का इस्‍तेमाल क‍िया गया है, वो आज के वैज्ञान‍िकों को चौंका देता है.

साल के 2 द‍िन ही पड़ती है सूर्य की क‍िरण

पाटन ज‍िले में बना मोढेरा का ये सूर्य मंद‍िर पुष्‍पाव‍ती नदी के क‍िनारे बना है. इसे 1026 में सोलंकी वंश के राजा भीमदेव प्रथम ने बनावाया था. इस मंदिर के गर्भगृह में साल के स‍िर्फ 2 द‍िन ही सूर्य की क‍िरण पहुंचती है. सोलर स‍िस्‍टम के केंद्र सूर्य को समर्पित इस मंदिर के गर्भगृह में सूर्य की क‍िरण स‍िर्फ ग्रीष्‍म संक्रांति (Summer Solstice) और सोलर इक्विनॉक्स के द‍िन ही पड़ती है. 21 जून उत्तरी गोलार्द्ध में सबसे लंबा दिन होता है, तकनीकी रूप से इस दिन को ग्रीष्म अयनांत या संक्रांति (Summer Solstice) कहा जाता है. जबकि सोलर इक्विनॉक्स के समय सूर्य सीधे भूमध्य रेखा की सीध में होता है. यानी अगर कोई व्यक्ति भूमध्य रेखा पर खड़ा हो तो सूर्य उसे सीधे अपने सिर के ऊपर दिखाई देगा. इसे ऐसे भी समझा जा सकता है कि साल के इस द‍िन आधा ग्रह पूरी तरह प्रकाशित होता है और इस समय दिन और रात लगभग बराबर होते हैं.

Sun Temple Modhera, unique temples of india, Gujarat Tourism, Modhera Sun Temple, Modhera Sun Temple how to reach, Modhera Sun Temple about, Modhera Sun Temple Stories, Sun Temple Gujarat kaisa hai, Dharma, lifestyle, kanha hai surya mandir

मोढेरा के इस सूर्य मंदिर में प‍िछले साल पीएम मोदी ने सूर्य नमस्‍कार क‍िया था.

सूर्य की क‍िरण से दमक उठता था हीरा

दरअसल ये कहा जाता है कि इस मंदिर के गर्भगृह में जहां सूर्य की पहली क‍िरण पड़ती है, वहां एक सूर्य भगवान की सोने की प्रतिमा लगी थी. इस प्रतिमा के मुकुट पर एक लगे एक लाल हीरे पर जब सूर्य की क‍िरण पड़ती थी, तब पूरा गर्भग्रह प्रकाशित हो उठता था. लेकिन अब ये मूर्ती इस मंदिर में नहीं है.

ज्‍योत‍िष, अंतर‍िक्ष और फ‍िज‍िक्‍स के ऐसे न‍ियम क‍ि देखते रह जाएंगे

इस मंदिर के सभामंडप में कुल 52 स्तंभ हैं. ये 52 स्‍तंभ साल के 52 हफ्तों को दर्शाते हैं. इन स्तंभों पर विभिन्न देवी-देवताओं के चित्रों के अलावा रामायण और महाभारत के प्रसंगों को बेहतरीन कारीगरी के साथ दिखाया गया है. इसे बेहतरीन आर्किटेक्‍ट का नमूना ही कहेंगे कि जब आप इन खंभों को सामने से देखते हैं तो वह अष्टकोणाकार द‍िखते हैं, लेकिन ऊपर से देखने पर ये सभी गोल नजर आते हैं. एक और आश्‍चर्य है कि इस मंद‍िर के न‍िर्माण में जोड़ लगाने के लि‍ए कहीं भी चूने का इस्‍तेमाल नहीं क‍िया गया है. यहां के सूर्यकुंड में 12 राशियों और 9 नक्षत्रों को गुणा कराते हुए कुल 108 मंदिर बनाए गए हैं.

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Hindu Temple, Konark sun temple

[ad_2]

Source link