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हाइलाइट्स
धार्मिक ग्रंथों में मासिक शिवरात्रि व्रत को बहुत ज्यादा प्रभावशाली माना गया है.
जो भी भक्त मासिक शिवरात्रि का व्रत रखता है उसकी हर मनोकामना पूरी होती है.
Masik Shivratri May 2023 : सनातन धर्म में भगवान शिव के असंख्य भक्त हैं. जो उनको प्रसन्न करने के लिए ना सिर्फ सोमवार बल्कि प्रदोष और मासिक शिवरात्रि का व्रत भी रखते हैं. मासिक शिवरात्रि हर माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है. सनातन धर्म में हर साल 12 मासिक शिवरात्रि मनाई जाती है. एक महाशिवरात्रि है जो वर्ष में एक बार मनाई जाती है. धार्मिक ग्रंथों के अनुसार जो व्यक्ति मासिक शिवरात्रि का व्रत रखता है और विधि विधान से भगवान शिव की पूजा करता है उसकी हर मुश्किल आसान हो जाती है, मनचाही इच्छा पूरी हो जाती है और उसे किसी भी तरह की समस्या का सामना नहीं करना पड़ता. भोपाल निवासी ज्योतिषी और वास्तु सलाहकार पंडित हितेंद्र कुमार शर्मा बता रहे हैं इस बार मासिक शिवरात्रि किस दिन मनाई जा रही है. साथ ही पूजा विधि भी जानेंगे.
कब है मासिक शिवरात्रि?
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार शिवरात्रि भगवान शिव और माता शक्ति के संगम का एक पर्व माना जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार मासिक शिवरात्रि प्रत्येक महीने के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाई जाती है. इस बार मासिक शिवरात्रि 17 मई 2023 रात 10:28 से अगले दिन यानी 18 मई रात 9:43 तक रहेगी. मासिक शिवरात्रि का व्रत 17 मई दिन बुधवार को रखा जाएगा.
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क्या है मासिक शिवरात्रि का महत्व?
धार्मिक ग्रंथों में मासिक शिवरात्रि व्रत को बहुत ज्यादा प्रभावशाली माना गया है. मान्यता है कि जो भी भक्त मासिक शिवरात्रि का सच्चे और निर्मल मन से व्रत रखता है पूरे विधि-विधान से भगवान शिव की आराधना करता है उसकी हर मनोकामना पूरी होती है. बड़े से बड़े काम पलक झपकते ही पूरे हो जाते हैं. मान्यता के अनुसार जो कन्या अपने मन का वर पाना चाहती हैं. उन्हें मासिक शिवरात्रि का व्रत पूरे विधि विधान से करना चाहिए. ऐसा करने से उनके विवाह में कभी रुकावट नहीं आती.
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इस विधि से करें मासिक रात्रि की पूजा
- मासिक शिवरात्रि के दिन ब्रह्म मुहूर्त में उठकर स्नानादि से निवृत्त हो जाएं.
- इसके बाद किसी शिव मंदिर में जाकर भगवान शिव और शिव परिवार की पूजा करें.
- पूजा की शुरुआत शिवलिंग के रुद्राभिषेक जल, शहद, दूध, दही, शुद्ध घी, शक्कर आदि के मिश्रण से करें से करें.
- रुद्राभिषेक करने से भगवान शिव अत्यंत प्रसन्न होते हैं.
- अब शिवलिंग पर धतूरा और बेलपत्र अर्पित करें.
- इसके बाद भगवान शिव की फल-फूल और दीप-धूप दिखाकर पूजा करें.
- पूजा के समय शिव स्तुति, शिव चालीसा और शिव श्लोक का जाप करें.
- जिन लोगों ने व्रत रखा है वह फलाहार कर सकते हैं. व्रती को उस दिन अन्न ग्रहण नहीं करना चाहिए.
- अगले दिन भगवान शिव की विधि विधान से पूजा अर्चना कर जरूरतमंद लोगों को दान दें और व्रत का पारण करें.
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Tags: Dharma Aastha, Lord Shiva, Religion, Shivratri
FIRST PUBLISHED : May 15, 2023, 18:44 IST
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