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हाइलाइट्स
अधिक मास अमावस्या की तिथि 15 अगस्त को दोपहर 12 बजकर 42 मिनट से लग रही है.
अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के बाद दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है.
इस साल अधिक मास की अमावस्या 16 अगस्त दिन बुधवार को है. 15 अगस्त दिन मंगलवार को दर्श अमावस्या है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आमवस्या के दिन पितर पृथ्वी लोक पर आते हैं ताकि उनके वंशज उनको तर्पण, श्राद्ध, दान आदि से तृप्त कर सकें. अधिक मास अमावस्या हर 3 साल में एक बार आती है. इस साल अधिक मास अमावस्या की तिथि 15 अगस्त दिन मंगलवार को दोपहर 12 बजकर 42 मिनट से लेकर 16 अगस्त बुधवार को दोपहर 03 बजकर 07 मिनट तक है. अधिक मास अमावस्या पर कुछ काम ऐसे हैं, जिनको करने से पितर, भगवान विष्णु, सूर्य देव और चंद्र देव का आशीर्वाद प्राप्त होता है. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र से जानते हैं अधिक मास अमावस्या
को करने वाले 5 महत्वपूर्ण काम के बारे में.
अधिक मास अमावस्या पर करें 5 काम
1. अधिक मास अमावस्या के दिन आप स्नान के बाद पीपल के पेड़ की पूजा करें. इसमें भगवान विष्णु, महादेव, ब्रह्मा जी समेत कई देवताओं का वास होता है. अमावस्या को पीपल के पेड़ की जड़ को जल से सींचने और शाम के समय पेड़ के नीचे दीपक जलाले से इनकी कृपा प्राप्त होती है. इससे पितर भी प्रसन्न होते हैं. इस दिन पीपल की परिक्रमा भी करते हैं.
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2. अधिक मास अमावस्या के दिन प्रात:काल में स्नान करने के बाद सूर्य देव को जल से अर्घ्य दें. उस जल में लाल पुष्प, लाल चंदन और गुड़ डाल लें. अर्घ्य के समय सूर्य मंत्र का जाप करें. ऐसा करने से दरिद्रता दूर होती है और घर धन-धान्य से भर जाता है.
3. अधिक मास अमावस्या पर आप तुलसी की पूजा करें और 108 बार उनकी परिक्रमा करें. शाम के समय घी का दीपक जलाएं. आपके घर में सुख और शांति का वास होगा.
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4. अधिक मास के प्रतिनिधि देव भगवान विष्णु हैं. अधिक मास का हर दिन विष्णु पूजा के लिए समर्पित है. ऐसे में आप अधिक मास अमावस्या पर श्री हरि विष्णु की पूजा करें. उनके आशीर्वाद से आपके सभी कष्ट दूर होंगे.
5. यदि आपकी कुंडली में चंद्रमा कमजोर है या चंद्र दोष है तो आमवस्या के दिन गाय को चावल और दही खिलाएं. इससे ग्रह दोष दूर होगा, मन स्थिर होगा और मानसिक शांति की प्राप्ति होगी.
किसी भी अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के बाद दान करने से पुण्य की प्राप्ति होती है. यह दान आप अपने पितरों के निमित्त करते हैं तो वे तृप्त होते हैं. खुश होकर उन्नति का आशीर्वाद देते हैं. परेशानियों का अंत होता है.
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Tags: Astrology, Dharma Aastha
FIRST PUBLISHED : August 03, 2023, 08:58 IST
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