Home World चीन ने किया समझौतों का उल्लंघन इसीलिए भारत के साथ ‘असामान्य’ : एस जयशंकर

चीन ने किया समझौतों का उल्लंघन इसीलिए भारत के साथ ‘असामान्य’ : एस जयशंकर

0
चीन ने किया समझौतों का उल्लंघन इसीलिए भारत के साथ ‘असामान्य’ : एस जयशंकर

[ad_1]

सांतो डोमिंगो : विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा कि भारत यह सुनिश्चित करना चाहता है कि विशिष्टता की मांग किए बिना सभी देशों के साथ उसके संबंध बढ़ते रहें। उन्होंने कहा कि हालांकि, चीन की ओर से सीमा प्रबंधन समझौतों का उल्लंघन किए जाने के परिणामस्वरूप बीजिंग के साथ भारत के ‘असामान्य’ प्रकृति के संबंधों के कारण वह एक अलग श्रेणी में आता है। डॉमिनिक गणराज्य की पहली आधिकारिक यात्रा पर सांतो डोमिंगो पहुंचे जयशंकर ने शुक्रवार को डिप्लोमैटिक स्कूल के युवाओं को संबोधित करते हुए यह भी कहा कि भारत ने क्षेत्र में कनेक्टिविटी, संपर्क और सहयोग में नाटकीय विस्तार देखा है।जयशंकर ने कहा, ‘चाहे अमेरिका, यूरोप, रूस या जापान हो, हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि ये सभी संबंध बिना विशिष्टता की मांग किए बढ़ें। चीन हालांकि, सीमा विवाद और हमारे संबंधों की असामान्य प्रकृति के कारण अलग श्रेणी में आता है। यह उसकी तरफ से सीमा प्रबंधन के संबंध में समझौतों के उल्लंघन का नतीजा है।’ गौरतलब है कि भारत पूर्वी लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (एलएसी) पर चीन की ओर से बड़ी संख्या में सैनिकों की तैनाती और उसके आक्रामक रवैये की आलोचना करता रहा है।

S Jaishankar Pakistan: आतंकवाद फैलाने वाले पड़ोसी से रिश्‍ते बहुत कठिन… बिलावल भुट्टो के दौरे से पहले जयशंकर का तीखा वार

‘अपने पड़ोसियों के साथ खड़ा है भारत’

उन्होंने कहा, ‘भारत ने क्षेत्र में कनेक्टिविटी, संपर्क और सहयोग में नाटकीय विस्तार देखा है। इसमें सीमा पार आतंकवाद के कारण जाहिर तौर पर पाकिस्तान एक अपवाद है। लेकिन चाहे कोविड-19 संबंधी चुनौती हो या हाल में कर्ज का अधिक दबाव हो, भारत हमेशा अपने पड़ोसियों के लिए खड़ा हुआ है।’ विदेश मंत्री ने इस संदर्भ में श्रीलंका का हवाला दिया, जहां भारत ने दशकों में देश के सबसे बुरे आर्थिक दौर में उसे चार अरब डॉलर से अधिक की वित्तीय मदद दी है।

China Taiwan America Drill: ताइवान को देख भी नहीं पाएगी अमेरिकी सेना, डुबो देंगे… चीन ने दी धमकी

‘लैटिन अमेरिका के साथ हमारा व्यापार 50 अरब डॉलर के पास’

जयशंकर ने कहा, ‘कुल मिलाकर, भारत एक ऐसा देश है, जो वैश्विक भलाई के लिए सामूहिक समाधानों को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है। इस साल जी-20 की हमारी अध्यक्षता वैश्विक विकास और वैश्विक वृद्धि के समक्ष मौजूद वास्तविक चुनौतियों पर केंद्रित है।’ लैटिन अमेरिका के साथ भारत की साझेदारी पर उन्होंने कहा, ‘आज लैटिन अमेरिका के साथ हमारा व्यापार 50 अरब डॉलर के आंकड़े की ओर बढ़ रहा है।’

[ad_2]

Source link