Home Health पर्यावरण प्रदूषण बच्चों-गर्भवती महिलाओं पर बरपा रहा असर, जानें इसका असर

पर्यावरण प्रदूषण बच्चों-गर्भवती महिलाओं पर बरपा रहा असर, जानें इसका असर

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पर्यावरण प्रदूषण बच्चों-गर्भवती महिलाओं पर बरपा रहा असर, जानें इसका असर

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हाइलाइट्स

वायु प्रदूषण की वजह से सांस के रोगियों की परेशानी बढ़ जाती है.
हर साल जल प्रदूषण की चपेट में आकर लाखों लोग बीमार हो रहे हैं.

Environmental Pollution Effects on Health: पिछले कुछ दशकों से जिस तरह से हमारे पर्यावरण में प्रदूषण बढ़ रहा है, यह न सिर्फ अभी के लिए मुश्किल बना हुआ है बल्कि यह भविष्य के लिए भी कई तरह से चुनौतीपूर्ण बनता जा रहा है. पर्यावरणीय चुनौतियां हमारे स्वास्थ्य पर काफी बुरा प्रभाव डाल रही हैं. विशेष रूप से बुजुर्ग, आर्थिक रूप से कमजोर, गर्भवती महिलाओं और बच्चों पर इसके दुष्प्रभाव देखे जा रहे हैं. वायु, जल, ध्वनि कई तरह के प्रदूषण बढ़ते जा रहे हैं और इसका सीधा असर हार्ट अटैक, कैंसर और गंभीर बीमारियों पर पड़ रहा है. सबसे ज्यादा खतरा किस प्रदूषण से है और इसकी रोकथाम कैसे की जाए. विश्व पर्यावरण दिवस के मौके पर इन सभी सवालों के जवाब एक्सपर्ट से जानते हैं.

एनवायरनमेंटलिस्ट भारती चतुर्वेदी का कहना है कि प्रदूषण एक ऐसी समस्या है, जो अभी भी चुनौती बनी हुई है और आगे भी चुनौतीपूर्ण ही रहेगा. आज वर्ल्ड एनवायरनमेंट डे है और इस मौके पर प्लास्टिक की बहुत ज्यादा चर्चा हो रही है. प्लास्टिक के इस्तेमाल को लेकर हम लोगों को सोचना चाहिए. अगर प्लास्टिक के इस्तेमाल को कम नहीं करेंगे, तो यह हम लोगों के शरीर में जाएगा. ऑलरेडी प्लास्टिक शरीर में पाया जा रहा है. प्लास्टिक में कई केमिकल्स होते हैं, जो सेहत को काफी नुकसान पहुंचाते हैं और बेहद खतरनाक होते हैं.

जल प्रदूषण के बारे में ज्यादा बताने की जरूरत नहीं है. यह अपने आप में बहुत खतरनाक है. यह सबसे बड़ी दिक्कत है, जिसको कम करने के लिए भारत लगा हुआ है. सीवेज मैनेजमेंट सबसे ज्यादा बड़ी दिक्कत है. जल प्रदूषण से लाखों लोग प्रभावित होते हैं और यह बहुत ज्यादा बीमार करता है. भारत में कई लोग हैं जो प्रयास करते हैं और लगातार बात करते हैं कि पर्यावरण को अच्छा रखा जाए. इसके लिए हम सबकी जिम्मेदारी है और सबका योगदान जरूरी है.

इस बारे में डॉक्टर नीलम ने कहा प्रदूषण बढ़ चुका है और इसका सीधा असर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ता जा रहा है. एयर पॉलूशन की बात करें तो हर तरह की सांस की दिक्कत और कई गंभीर लंग कैंसर भी रिपोर्ट किए जा रहे हैं. जिन लोगों को साइनस की दिक्कत होती है, बार-बार गला खराब होता है, सीजन चेंज होने में सांस लेने में दिक्कत होना, उनकी यह सारी समस्याएं प्रदूषण से बढ़ जाती हैं. एयर पोलूशन के अलावा जो अल्ट्रावॉयलेट रेज हैं, उससे भी कई इंफेक्शन होते हैं.

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आजकल लोग देख रहे हैं कि बहुत सारा वेस्ट पानी में डंप हो जाता है. यह पानी की क्वालिटी को बहुत खराब करता है. पानी में रहने वाले जीव हैं वह कम होते जाते हैं. प्रदूषण से पेट की प्रॉब्लम बार-बार हो सकती है और इंफेक्शन हो सकता है. छोटे बच्चे और बुजुर्गों को पानी प्रदूषित होने की वजह से काफी दिक्कत होती है. पिछले दशकों में देखा गया है कि प्रदूषण में 9 से 10 परसेंट इजाफा हुआ है. यह अनुमान भी है कि अगर इसी तरीके से प्रदूषण को नहीं रोका गया तो सेहत पर बहुत नुकसान पड़ेगा. हमारे लिए बहुत जरूरी है कि हम अपनी जिम्मेदारी समझते हुए पर्यावरण में योगदान दें.

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Tags: Health, Lifestyle, Pollution, Trending news, World environment day

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