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दिल्ली विश्वविद्यालय के कुलपति योगेश सिंह ने बुधवार को ऐलान किया कि इस साल से विश्वविद्यालय में शुरू किए जा रहे बीटेक के तीन नए कोर्सेज में एक-एक सीट उन लड़कियों को अलॉट की जाएगी जो अपने माता-पिता की इकलौती संतान हैं। इसी के साथ सिंह ने इन कोर्सेज में दाखिला लेने वाले वंचित छात्रों के लिए छात्रवृत्ति और सभी के लिए लैपटॉप की भी घोषणा की। सिंह ने यहां संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए कहा कि विश्वविद्यालय का नया शैक्षणिक सत्र 16 अगस्त से शुरू होगा।
प्रौद्योगिकी संकाय द्वारा संचालित कोर्सेज बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, बीटेक इलेक्ट्रॉनिक्स एंड कम्युनिकेशन इंजीनियरिंग और बीटेक इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग शामिल हैं। सिंह ने कहा कि इन पाठ्यक्रमों में कुल 360 विद्यार्थियों को संयुक्त प्रवेश परीक्षा (मेन) के अंकों के आधार पर प्रवेश दिया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इन पाठ्यक्रमों में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने पर विश्वविद्यालय 50,000 रुपये तक की भरपाई करेगा। कुलपति ने कहा, “ जिन उम्मीदवारों के माता-पिता की आय चार लाख रुपये या उससे कम है, उन्हें प्रवेश के समय 90 प्रतिशत फीस माफी दी जाएगी। जिन उम्मीदवारों के माता-पिता की आय चार लाख रुपये से अधिक और आठ लाख रुपये से कम है, उन्हें दाखिले के समय फीस में 50 प्रतिशत की माफी मिलेगी।”
उन्होंने यह भी कहा कि प्रत्येक बीटेक पाठ्यक्रम में स्वीकृत सीटों से अलावा एक-एक सीट ऐसी छात्राओं को दी जाएगी जो अपने माता-पिता की इकलौती संतान है।
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जेईई मेन्स के अलावा योग्यताएं
उम्मीदवारों को एक ही मान्यता प्राप्त बोर्ड से बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण होना अनिवार्य है। इसके अलावा उम्मीदवार को भौतिकी, रसायन विज्ञान और गणित के कुल योग में 60 फीसदी या उससे अधिक अंक प्राप्त करने जरूरी है और सीनियर स्कूल सर्टिफिकेट परीक्षा स्तर पर अध्ययन के विषय के रूप में अंग्रेजी (कोर या ऐच्छिक) भी उत्तीर्ण होना चाहिए।
प्रवेश के लिए पंजीकरण करते समय नाम, हस्ताक्षर और फोटोग्राफ जैसे कुछ क्षेत्रों को जेईई 2023 से स्व-एकीकृत किया जाएगा। उम्मीदवारों को तीन प्रोग्रामों के लिए अपनी प्राथमिकताएं जमा करनी होंगी।
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