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बुंदेलखंड के लिए बनने जा रहे बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण (बीडा) नोएडा व ग्रेटर नोएडा की तरह औद्योगिक व व्यवसायिक सिटी विकसित करेगा। इसके दायरे में 5000 हेक्टेयर जमीन होगी। इसका केंद्र पहले चरण में झांसी में होगा। बाद में अन्य जिलों के कुछ हिस्से नए बनने वाले प्राधिकरण के दायरे में आएंगे।
औद्योगिक विकास विभाग ने इस प्रस्तावित प्राधिकरण के गठन की रूपरेखा तैयार कर ली है। कैबिनेट की बैठक में इसे जल्द पारित कराया जाएगा। इस प्राधिकरण में बोर्ड में यूपीसीडा के सीईओ को ही नवगठित प्राधिकरण का मुख्य कार्यपालक अधिकारी बनाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा बोर्ड में झांसी मंडल के मंडलायुक्त, झांसी के जिलाधिकारी व अन्य अधिकारी शामिल किए जाएंगे।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस तरह के प्राधिकरण बनाने का ऐलान कुछ समय पहले किया था। अब यूपी सरकार की योजना है कि बीडा को औद्योगिक, कार्मिश्यल व रेजीडेंशियल टाउनशिप नोएडा-ग्रेटर नोएडा की तर्ज पर तैयार किया जाए और यह समूचे बुंदेलखंड में अन्य क्षेत्रों की औद्योगिक इकाइयों को यहां आने को प्रेरित करेगा। यहीं नहीं, यहां आवासीय टाउनशिप बनाने की भी तैयारी है।
डिफेंस कारिडोर में तो रक्षा इकाइयां लगनी हैं, उसके अलावा अन्य औद्योगिक इकाइयों के लिए यह प्राधिकरण डिफेंस कारिडोर के बाहर जमीन उपलब्ध कराएगा ताकि गैर रक्षा औद्योगिक इकाइयां भी लगें और मौजूदा निवेश परियोजनाओं को बढ़ावा मिल सके। बुंदेलखंड में झांसी ही सर्वाधिक विकसित जिला माना जाता है। बीडा का मुख्यालय भी यहीं होगा। बोर्ड का गठन होने के बाद इसके नियम व उपनियम तय होंगे और प्राधिकरण यहां जमीन अधिग्रहण व क्रय करने का काम करेगा। पहले चरण में 1000 एकड़ जमीन लेकर काम शुरू होगा।
सीईओ यूपीसीडा, मयूर माहेश्वरी ने कहा कि यह प्राधिकरण यूपी डिफेंस कारिडोर व बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के किनारे बनने वाले दो औद्योगिक गलियारों में आने वाले उद्योगों के विकास के लिए सहायक होगा और औद्योगिक गतिविधियां बढ़ने से समूचे बुंदेलखंड के समग्र विकास को बढ़ावा मिलेगा और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
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