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नई दिल्ली. दिल्ली में यमुना नदी का जलस्तर एक बार फिर उफान पर है. यमुना नदी का जलस्तर बुधवार शाम 6 बजे खतरे के निशान 205.33 मीटर से ऊपर बढ़कर 205.47 मीटर दर्ज किया गया. दरअसल आज सुबह ही यह खतरे के निशान के नीचे आया था, लेकिन राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और उत्तर के पहाड़ी राज्यों में विभिन्न स्थानों पर भारी बारिश के चलते इसके दोबारा बढ़ने की आशंका जताई जा रही थी. इसके बाद यमुना का जलस्तर दोपहर 3 बजे से खतरे के निशान से आगे बढ़ने लगा.
केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) के आंकड़ों के मुताबिक, दिल्ली में शाम 6 बजे लोहे के पुराने रेलवे पुल पर यमुना का जलस्तर 205.47 मीटर दर्ज किया गया, जो सुबह 9 बजे 205.09 मीटर रिकॉर्ड किया गया था.
बारिश ने बढ़ाया जलस्तर
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के आंकड़ों से पता चलता है कि बुधवार सुबह 8: 30 बजे तक पिछले 24 घंटे की अवधि में सफदरजंग मौसम केंद्र पर 37.1 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई. इसी तरह लोधी रोड में 35.1, आयानगर में 26, मुंगेशपुर में 53.5 और मयूर विहार के मौसम केंद्र 110.5 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है. वहीं आईएमडी ने 27 जुलाई तक हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है.
यमुना का जलस्तर 13 जुलाई को 208.66 मीटर के सर्वकालिक उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था और उसके बाद से बार-बार जलस्तर में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है. उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश के कुछ हिस्सों में भारी बारिश के बाद हरियाणा के हथिनीकुंड बैराज से पानी छोड़े जाने के बाद रविवार को दिल्ली में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर चला गया था.
इस कारण रेलवे को रविवार रात लोहे के पुराने पुल पर ट्रेनों की आवाजाही रोकनी पड़ी थी. अधिकारियों ने बताया कि नदी के जल स्तर में वृद्धि से राष्ट्रीय राजधानी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में चल रहे राहत और पुनर्वास कार्य पर असर पड़ने की आशंका है.
दिल्ली में यमुना के तटीय इलाकों में बाढ़ के कारण 27,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया। बाढ़ के कारण करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है. विशेषज्ञों ने इसके लिए नदी के बाढ़ क्षेत्र में अतिक्रमण, थोड़े समय में अत्यधिक वर्षा और गाद जमा होने को जिम्मेदार ठहराया था. (भाषा इनपुट के साथ)
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Tags: Delhi news, Yamuna River
FIRST PUBLISHED : July 26, 2023, 19:42 IST
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