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महावाणिज्य दूतावास ने वापस लिया अपना आदेश, पहले की तरह भारत आ सकेंगे नेपाली वाहन

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महावाणिज्य दूतावास ने वापस लिया अपना आदेश, पहले की तरह भारत आ सकेंगे नेपाली वाहन

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हाइलाइट्स

अब फिर बिना अनुमति के गलगलिया तक ही आ सकेंगे नेपाली वाहन.
बिना अनुमति दो पहिया एवं चार पहिया वाहन के प्रवेश पर रोक हटाई.
भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने वापस लिया नये नियम का आदेश पत्र.

आशीष सिन्हा/किशनगंज. गलगलिया बॉर्डर से अब पूर्व की तरह ही बिना रोक-टोक नेपाल के दो पहिया व चार पहिया वाहन अब भारत के निकटतम बाजार रेलवे स्टेशन व नजदीकी थाना तक आवाजाही कर सकेंगे. दरअसल, महावाणिज्य दूतावास ने अपना वह आदेश वापस ले लिया है जिसके तहत नये नियम लगाकर नेपाल से भारत में प्रवेश करने वाले नेपाली चार चक्का वाहनों के भारत आने के लिए आवश्यक कागजात उपलब्ध कराने के लिए कहा गया था.

दरअसल, गलगलिया बॉर्डर से आवाजाही के लिए नेपाली दो पहिया और चार पहिया वाहनों को एमबीसी परमिट देने का नियम बनाया गया था. एक दिन पहले लागू इस नियम के तहत  नेपाल से भारत में प्रवेश करने वाले नेपाली चार चक्का वाहनों को पहले महावाणिज्य दूतावास कार्यालय बीरगंज से अनुमति पास लेना आवश्यक किया गया था. लेकिन नियम लागू होने के ठीक एक दिन बाद प्रवेश पर रोक लगाने संबंधी जारी आदेश को महावाणिज्य दूतावास के द्वारा वापस ले लिया गया है.

गौरतलब है कि गुरुवार को ही इस पर रोक लगी थी, जिसके बाद कई बिन्दुओं पर विचार करते हुए इसे वापस ले लिया गया. इस बीच गुरुवार को गाड़ियों का प्रवेश रोके जाने के बाद उत्पन्न हुई समस्या को लेकर चर्चा की गयी. साथ ही नये निर्णय के आलोक में यह कहा गया कि अब गलगलिया बाजार तक आने-जाने के लिए नेपाली वाहनों को नहीं रोका जाएगा. जबकि गलगलिया से बाहर जाने की स्थिति में नेपाली वाहनों को पहले से चले आ रहे नियम के तहत भारतीय महावाणिज्य दूतावास कार्यालय या भारतीय दूतावास काठमांडू से अनुमति लेना आवश्यक होगा.

मामले पर कस्टम अधिकारी ने बताया कि बगैर पास यानी परमिट के नेपाली वाहनों को भारतीय सीमा में प्रवेश पर रोक लगाने के उक्त आदेश को वापस ले लिया गया है. जिससे पूर्व की तरह नेपाली चारपहिया वाहन आ सकेंगे. भारत नेपाल मैत्री संघ के सदस्य संजीव सोनी ने बताया कि भारत और नेपाल के बीच अटूट संबंध है. ऐसे में इन दोनों शहरों के बीच आवागमन में न पहले किसी तरह की बाधा रही है और ना ही अब है, लोग सामान्य तरीके से आ और जा सकते हैं. हम फैसले को वापस लेने संबंधी भारतीय महावाणिज्यदूतावास के फैसले का स्वागत करते हैं.

फिलहाल नेपाल से दो पहिया वाहनों तथा चार पहिया वाहनों को गलगलिया आने की अनुमति होने से नेपाली नागरिक ने खुशी जाहिर करते हुए कहा कि हम इस फैसले का स्वागत करते है, क्योंकि भारत नेपाल मित्र राष्ट्र है. साथ ही भारतीय स्थानीय दुकानदार भी सरकार के फैसले का स्वागत किया और धन्यवाद दिया, और कहा कि हमलोग का बेटी-रोटी का संबंध है. दोनों सरकारों को इसपर ख्याल रखकर निर्णय की जरूरत है.

बता दें कि भारतीय सीमा में नेपाली चार पहिया लग्जरी वाहनों के प्रवेश पर सुरक्षा कारणों से प्रतिबंध लगा दिया गया था. नेपाल में स्थित भारतीय महावाणिज्य दूतावास ने पत्र जारी किया है, जिसे तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया. अचानक नेपाल से आने वाली चार पहिया गाड़ियों को भारतीय कस्टम रोकने लगा. जिसके बाद से भारत- नेपाल सीमा पर अफरातफरी मच गई.

Tags: Bihar News, India Nepal Relation, Indo-Nepal Border, Kishanganj

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