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Women in Delhi: दिल्ली महिला आयोग ने हाल ही में 7 सालों का अपना लेखा-जोखा पेश किया है. जिसमें कई सनसनीखेज आंकड़े सामने आए हैं. आयोग की हेल्पलाइन 181 के आंकड़ों पर गौर करें तो राजधानी दिल्ली का एक इलाका ऐसा है जहां महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं. इस इलाके से सबसे ज्यादा संख्या में महिलाओं ने दिल्ली महिला आयोग में शिकायतें की हैं और मदद की गुहार लगाई है.
दिल्ली महिला आयोग के आंकड़े बताते हैं कि आयोग की 181 हेल्पलाइन पर 7 वर्षों में 40 लाख से अधिक कॉल और पिछले एक वर्ष (जुलाई 2022 – जून – 2023) में 6.3 लाख कॉल मदद के लिए आई हैं. दिलचस्प है कि आयोग में इस दौरान 92000 से अधिक मामले आए हैं, जिनमें सबसे ज्यादा मामले 38,342 घरेलू हिंसा के हैं. वैसे तो दिल्ली महिला आयोग दिल्ली की शिकायतें सुनने के लिए है लेकिन यहां 11,000 से अधिक मामले दिल्ली को छोड़कर अन्य राज्यों से प्राप्त हुए हैं.
अगर दिल्ली के उस इलाके की बात करें जहां महिलाएं सबसे ज्यादा परेशान हैं तो वह इलाका है नरेला. आयोग में नरेला से सबसे ज्यादा यानि 2976 मामले दर्ज हुए हैं.
बता दें कि आयोग को 181 हेल्पलाइन पर जो शिकायतें आती हैं उनमें घरेलू हिंसा के मामले 38,342 पहले नंबर पर हैं. इसके बाद पड़ोसियों के साथ झगड़े के 9,516 मामले, बलात्कार और यौन उत्पीड़न के 5,895 मामले, पॉक्सो के 3,647 मामले, अपहरण के 4229 मामले और साइबर अपराध के 3,558 मामले हैं. आयोग को अपनी 181 हेल्पलाइन पर 1,552 गुमशुदा शिकायतें भी मिली हैं.
इसके अलावा, आयोग को दहेज उत्पीड़न के 2,278 मामले, चिकित्सा में लापरवाही के 790 मामले, सेक्स रैकेट के 156 मामले, तस्करी के 40 मामले, बाल विवाह के 69 मामले, कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न के 67 मामले, बाल श्रम के 66 मामले, अवैध शराब और नशीली दवाओं के 63 मामले, ऑनर किलिंग के 54 मामले, और इसके अलावा और भी कई तरह की शिकायतें प्राप्त हुई हैं.
बता दें कि 181 महिला हेल्पलाइन एक 24 घंटे संचालित, टोल-फ्री फोन नंबर है जो दिल्ली महिला आयोग द्वारा संचालित किया जा रहा है और संकट में फंसी महिलाओं को तत्काल सहायता प्रदान करना चाहता है. यह परामर्शदाताओं, पर्यवेक्षकों, सलाहकारों और विशेषज्ञों के एक नेटवर्क के माध्यम से संचालित होता है. यह हेल्पलाइन सरकारी छुट्टियों और त्योहारों सहित पूरे साल 24 घंटे काम करती है.
आयोग के मुताबिक जैसे ही हेल्पलाइन काउंसलर को किसी संकटग्रस्त महिला या लड़की का कॉल आता है, वह काउंसलिंग शुरू कर देती है और कॉल करने वाले को पूरी सहायता देती है. अगर तत्काल हस्तक्षेप की जरूरत होती है तो हेल्पलाइन टीम इन शिकायतों को आयोग के मोबाइल हेल्पलाइन कार्यक्रम में भेज देती है, जो मौके पर पहुंचने और पीड़ित की सहायता करने के लिए परामर्शदाताओं की एक टीम भेजती है. अगर शिकायतकर्ता को पुलिस सहायता या एम्बुलेंस की जरूरत होती है, तो कॉल काउंसलर पुलिस नियंत्रण कक्ष को सूचित करता है और उसके काउंसलर के लिए एक पीसीआर वैन की व्यवस्था करता है या जरूरत पड़ने पर पीड़ित को एम्बुलेंस सेवा भेजता है. 181 महिला हेल्पलाइन उन लोगों की जरूरतों को भी पूरा करती है जो महिलाओं और लड़कियों के लिए उपलब्ध विभिन्न सहायता सेवाओं और सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में जानकारी चाहते हैं.
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Tags: Delhi Commission for Women, Delhi news
FIRST PUBLISHED : August 12, 2023, 20:54 IST
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