Home Life Style पितृ पक्ष में भूलकर भी न खरीदें यह नई वस्तु, लेकिन इन चीजों को खरीदने से पितर होंगे खुश, जानें

पितृ पक्ष में भूलकर भी न खरीदें यह नई वस्तु, लेकिन इन चीजों को खरीदने से पितर होंगे खुश, जानें

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पितृ पक्ष में भूलकर भी न खरीदें यह नई वस्तु, लेकिन इन चीजों को खरीदने से पितर होंगे खुश, जानें

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हाइलाइट्स

इस साल पितृ पक्ष का प्रारंभ 29 सितंबर से होने वाला है.
पितृ पक्ष के समय में नए वस्त्र की खरीदारी करना वर्जित है.

पितृ पक्ष पितरों की पूजा और उनके तर्पण के लिए होता है. पितृ पक्ष में पितर पृथ्वी पर आते हैं, ताकि उनके वंश के लोग उनको तृप्त करें. पितृ पक्ष में लोग नए सामान की खरीदारी करना अशुभ मानते हैं. लोक मान्यता है कि पितृ पक्ष में नए सामान नहीं खरीदने चाहिए. लेकिन धार्मिक ग्रंथों में नए वस्तुओं की खरीदारी करने की मनाही नहीं है. काशी के ज्योतिषाचार्य चक्रपाणि भट्ट के अनुसार, पितृ पक्ष में विवाह, सगाई, मुंडन, उपनयन संस्कार आदि जैसे मांगलिक कार्य करने वर्जित होते हैं. पितृ पक्ष के 16 दिनों में सिर्फ एक वस्तु को खरीदने की मनाही है.

पितृ पक्ष में क्यों न खरीदें नए वस्त्र?
ज्योतिषाचार्य भट्ट का कहना है कि पितृ पक्ष के समय में नए वस्त्र की खरीदारी करना वर्जित है. नया कपड़ा खरीदना इसलिए मना है क्योंकि पितृ पक्ष में वस्त्र का दान पितरों के लिए होता है. इसमें वस्त्र और अन्न का दान देने से पितर प्रसन्न होते हैं, वे उससे तृप्त होते हैं. पितृ लोक से पितर पृथ्वी पर आते हैं कि उनके वंश उनको तृप्त करेंगे, यदि आप उनको तृप्त नहीं करते हैं तो वे नाराज हो जाते हैं. पितरों की नाराजगी के कारण व्यक्ति के जीवन में कई प्रकार के संकट पैदा हो जाते हैं. करियर, सेहत और धन संकट का सामाना करना पड़ सकता है. संतान सुख से वंचित भी होना पड़ सकता है.

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पितृ पक्ष में खरीदारी से नए सामान में प्रेत का वास होता है?
लोगों की मान्यता है कि यदि आप पितृ पक्ष में कोई भी नया सामान खरीदते हैं तो उसमें प्रेत का वास होता है. इस बात पर ज्योतिषाचार्य भट्ट कहते हैं कि जो लोग पितृ पक्ष में अपने पितरों के लिए तर्पण, पिंडदान या श्राद्ध कर्म करते हैं, वे इससे मुक्त रहते हैं क्योंकि उनके पितर तृप्त होते हैं. जो लोग पितृ पक्ष में अपने पितरों का अनादर करते हैं और उनके लिए कुछ भी नहीं करते, वे पितृ दोष से पीड़ित होते हैं. उनके लिए नई वस्तु सुख प्रदान करने वाली नहीं हो सकती.

प्रेत मंजरी और पितृ श्राद्ध विधि में लिखा है कि जो लोग पितृ पक्ष में अपने पितरों के ​लिए तर्पण, दान, श्राद्ध आदि नहीं करते हैं, वे कई प्रकार के दुख भोगते हैं. पितर प्रेत बनकर उनको तरह-तरह से प्रताड़ित करते हैं.

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पितृ पक्ष में किन नए वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं?
ज्योतिषाचार्य भट्ट के अनुसार, पितृ पक्ष में नए कपड़ों को छोड़कर आप नया मकान, प्लॉट, फ्लैट, नई गाड़ी आदि की खरीदारी कर सकते हैं, इसमें कोई मनाही नहीं है. जब आप पितरों को प्रसन्न रखते हैं तो पितृ पक्ष में इन वस्तुओं की खरीदारी करने से पितर खुश होते हैं. वे आपकी उन्नति से प्रसन्न होते हैं. यह एक गलत धारणा बन गई है ​कि नए कार्य या नई वस्तुओं की खरीदारी पितृ पक्ष में नहीं करनी चाहिए.

कब से शुरू हो रहे हैं पितृ पक्ष?
इस साल पितृ पक्ष का प्रारंभ 29 सितंबर से होने वाला है. उस दिन पूर्णिमा और प्रतिपदा​ तिथियों का श्राद्ध है. पितृ पक्ष का समापन 14 अक्टूबर को सर्व पितृ अमावस्या के दिन होगा. उस दिन जाने और अनजाने सभी पितरों का श्राद्ध होगा.

Tags: Dharma Aastha, Pitru Paksha

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