[ad_1]
वसीम अहमद/अलीगढ़. राजस्थान अपने गौरवपूर्ण इतिहास शानदार किलो और लजीज व्यंजनों के लिए दुनिया भर में मशहूर है. जिसमें से सबसे लजीज व्यंजनों में दाल बाटी जानी जाती है. यदि आपको भी राजस्थानी दाल बाटी और खाने के शौकीन है तो अब आपको राजस्थान जाने की आवश्यकता नहीं है. बल्कि अलीगढ़ के महावीर गंज इलाके में स्थित एक 25 साल पुरानी दुकान पर इस राजस्थानी डिश का आनंद ले सकते हैं. वैसे तो राजस्थानी खाने की धारा में देश भर में अपनी अलग ही पहचान बना ली है. राजस्थानी डिश दाल बाटी के दीवानों की संख्या दिन प्रतिदिन बढ़ रही है.
अगर आप अलीगढ़ जिले में रहते हैं या अक्सर यहां से गुजरते हैं और आप राजस्थानी डिश दाल बाटी खाने के शौकीन है तो यह सूचना आपके लिए उपयोगी साबित हो सकती है. अलीगढ़ के महावीर गंज इलाके में स्थितदाऊजी वाले दाल बाटी वालों की दुकान आपके लिए एक आकर्षण का केंद्र साबित हो सकती है क्योंकि यहां पर शुद्ध देसी घी से निर्मित राजस्थानी डिश दाल बाटी बेहद मशहूर है. इस दुकान की देसी घी की दाल बाटी के अलीगढ़ के अलावा दूरदराज से आए लोगों की भी पसंदीदा दिशा मानी जाती है साथ ही यहां दाल बाटी प्रदेश के कई जिलों के अलावा दिल्ली, महाराष्ट्र, उत्तराखंड जैसे कई राज्यों में भी भेजी जाती है.
1998 से चल रहीदाल बाटी की दुकान
दुकान मालिक तरुण सैनी बताते हैं कि हमारी दुकान दाऊजी वालों की दाल बाटी के नाम से मशहूर है. यह दुकान 25 साल पुरानी है. हमारी जो दाल बाटी है यह राजस्थानी डिश है. बाहर से जो लोग आते हैं वह हमारी दाल बाटी को बेहद पसंद करते हैं. हमारे यहां दाल बाटी का कच्चा माल यानि सभी सामग्री एक दिन पहले तैयार कर ली जाती है. हमारे यहां प्रतिदिन 150 बाटी तैयार की जाती हैं जो सुबह 8:00 से दोपहर 3:00 तक बिक जाती है. हमारे यहां 70 रूपए की दो बाटी व एक बाटी 40 रूपए की दी जाती है. यह राजस्थानी डिश पूरे अलीगढ़ में सिर्फ हमारे यहां मिलती है. इसीलिए लोग दुर्धरा से जब भी अलीगढ़ आते हैं तो हमारी दाल बाटी खाने जरूर आते हैं. इसके अलावा हमारे यहां की दाल बाटी कई शहरों व राज्यों में पैक होकर जाती है.
यूं बनती है लाजवाब दाल बाटी
दाल बाटी बनाने के लिए गेहूं का आटा और सूजी मे देसी घी डाल कर मिलाया जाता है. इसके बाद इसमें अजवाइन और स्वाद अनुसार नमकडालकर गुनगुने पानी में गूंथ लिया जाता है. अब इस गूंथे हुए आटे को 30 मिनट तक रख दिया जाता है. इसके बाद इन्हें बाटी का शेप दिया जाता है. देसी घी में इनको सेका जाता है. इस तरह आपकी बाटी खाने के लिए पूरी तरह तैयार हो चुकी है. इन बाटियो को आप अरहर की दाल या उड़द की दाल को बढ़िया टमाटर और अन्य मसाले के साथ फ्राई कर पारंपरिक डिश का मजा ले सकते हैं.
.
Tags: Aligarh news, Food, Food 18, Hindi news, Local18, UP news
FIRST PUBLISHED : September 14, 2023, 15:14 IST
[ad_2]
Source link