Home Life Style Pradosh Vrat October 2023: कब है अक्टूबर का पहला प्रदोष? जानें शिव पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत और पूजन विधि, महत्व

Pradosh Vrat October 2023: कब है अक्टूबर का पहला प्रदोष? जानें शिव पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत और पूजन विधि, महत्व

0
Pradosh Vrat October 2023: कब है अक्टूबर का पहला प्रदोष? जानें शिव पूजा का शुभ मुहूर्त, व्रत और पूजन विधि, महत्व

[ad_1]

हाइलाइट्स

आश्विन कृष्ण त्रयोदशी ति​थि 11 अक्टूबर को शाम 05 बजकर 37 मिनट से प्रारंभ हो रही है.
इस तिथि का समापन 12 अक्टूबर ​दिन गुरुवार को शाम 07 बजकर 53 मिनट पर होगा.
बुध प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 56 मिनट से प्रारंभ हो रहा है.

अक्टूबर माह का पहला प्रदोष व्रत आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी ति​थि को रखा जाएगा. यह आश्विन माह का भी पहला प्रदोष व्रत होगा. यह व्रत बुधवार के दिन होने के कारण बुध प्रदोष व्रत होगा. बुध प्रदोष व्रत की पूजा शाम को सूर्यास्त के बाद प्रारंभ होती है. इस व्रत और शिव पूजा करने से सभी इच्छाओं की पूर्ति होती है. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र से जानते हैं कि अक्टूबर का पहला प्रदोष व्रत कब है? शिव पूजा मुहूर्त, प्रदोष व्रत और पूजा विधि क्या है?

अक्टूबर का पहला प्रदोष व्रत 2023 कब है?
पंचांग के अनुसार, आश्विन माह के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी ति​थि 11 अक्टूबर दिन बुधवार को शाम 05 बजकर 37 मिनट से प्रारंभ हो रही है और इस तिथि का समापन 12 अक्टूबर ​दिन गुरुवार को शाम 07 बजकर 53 मिनट पर होगा. ऐसे में बुध प्रदोष व्रत 11 अक्टूबर को रखा जाएगा.

यह भी पढ़ें: अक्टूबर में कब है शिवरात्रि? ब्रह्म योग में होगी शिव पूजा, जानें शुभ मुहूर्त और महत्व

बुध प्रदोष व्रत 2023 का पूजा मुहूर्त क्या है?
11 अक्टूबर को बुध प्रदोष व्रत की पूजा का शुभ मुहूर्त शाम 05 बजकर 56 मिनट से प्रारंभ हो रहा है और ​यह रात 08 बजकर 25 मिनट तक है. इस बार प्रदोष व्रत पर शिव पूजा के लिए 2 घंटे 29 मिनट का शुभ समय है.

शुभ और शुक्ल योग में है बुध प्रदोष व्रत
इस बार बुध प्रदोष के दिन दो शुभ योग बन रहे हैं. व्रत वाले दिन शुभ योग प्रात:काल से लेकर सुबह 08 बजकर 42 मिनट तक है. उसके बाद शुक्ल योग प्रारंभ हो जाएगा. उस दिन मघा नक्षत्र प्रात:काल से लेकर सुबह 08 बजकर 45 मिनट तक है. उसके बाद से पूर्वाफाल्गुनी नक्षत्र है.

यह भी पढ़ें: दिवाली से पहले 4 राशिवालों की लगेगी लॉटरी, शनि बदलेंगे चाल, कुंभ में होंगे मार्गी, मां लक्ष्मी का मिलेगा आशीर्वाद

बुध प्रदोष 2023 व्रत और पूजा विधि
व्रत वाले दिन सुबह में स्नान के बाद प्रदोष व्रत और शिव पूजा का संकल्प कर लें. दिनभर फलाहार पर रहें, उसके बाद शाम को शुभ मुहूर्त में भगवान शिव की पूजा करें. पहले शिवलिंग का गंगाजल और गाय के दूध से स्नान कराएं. उसके बाद उस पर बेलपत्र, भांग, धतूरा, अक्षत्, चंदन, शहद, फूल, फल आदि चढ़ाएं. फिर घी का दीप जलाएं. शिव चालीसा और बुध प्रदोष व्रत की कथा पढ़ें.

उसके बाद शिव जी की आरती करें. फिर मनोकामना पूर्ति के लिए भगवान शिव से प्रार्थना करें. रात्रि जागरण के बाद अगले दिन सुबह स्नान के बाद शिव पूजा करें. दान-दक्षिणा देने के बाद पारण करके व्रत को पूरा करें.

Tags: Dharma Aastha, Lord Shiva

[ad_2]

Source link