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हाइलाइट्स
दशहरा पर नीलकंठ देखने की तरह शमी के पेड़ और अपराजिता के फूलों की पूजा करना शुभ होती है.
दशहरे पर शमी-अपराजिता की पूजा से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और घर में मां लक्ष्मी का वास होता है.
Shami-aprajita plant puja benefits: बुराई पर अच्छाई का प्रतीक दशहरा का महापर्व शारदीय नवरात्रि की दशमी तिथि यानी आश्विन माह के शुक्ल पक्ष की दशमी तिथि को मनाया जाता है. इसको विजयादशमी भी कहते हैं. शास्त्रों के अनुसार, इस दिन भगवान श्री राम ने लंकापति रावण का वध किया था. इस लिए यह दिन बेहद शुभ माना जाता है. साथ ही मां लक्ष्मी का आशीर्वाद भी प्राप्त होता है. जीवन को खुशहाल बनाने के लिए लोग कई उपाय करते हैं. लेकिन जैसे इस दिन नीलकंठ देखना शुभ माना जाता है, ठीक उसी तरह शमी के पेड़ और अपराजिता के फूलों की पूजा करना भी फलदायी मानी जाती है. माना जाता है कि, दशहरे पर शमी की पेड़ और अपराजिता की पूजा करने से मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं. साथ ही घर में मां लक्ष्मी का वास होता है और सभी देवी देवताओं की कृपा बनी रहती है. आइए उन्नाव के ज्योतिषाचार्य पं. ऋषिकांत मिश्र शास्त्री से जानते हैं दशहरा पर शमी के पेड़ और अपराजिता की पूजा करने के लाभ-
दशहरा पर ऐसे करें अपराजिता की पूजा
दशहरा के दिन अपराजिता की पूजा करना बेहद शुभ माना जाता है. माना जाता है कि इस दिन अपराजिता की पूजा करने से हर क्षेत्र में सफलता प्राप्त होती है. रुके हुए काम सुचारू से चलने लगते हैं. इसके अलावा, घर से नकारात्मक ऊर्जा बाहर जाती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है.
किस दिशा में करें अपराजिता के फूल की पूजा
विजयादशमी के दिन उत्तर-पूर्व यानी ईशान कोण की तरफ की कोई जगह ठीक से साफ कर लेंगे. इसके बाद उस जगह पर चंदन से आठ पत्तियों वाला कमल का फूल बना लेंगे. इसके बाद इसमें अपराजिता के फूल या पौधा रखेंगे. फिर संकल्प लेते हुए ‘मम सकुटुम्बस्य क्षेम सिद्धयर्थे अपराजिता पूजनं करिष्ये’ मंत्र का जाप करें.
अपराजिता के फूल की पूजा विधि
दशहरा पर अपराजिता के फूल की पूजा करने से कई लाभ होते हैं. इसकी पूजा करने के लिए मंत्र का उच्चारण करने के बाद अपराजिता देवी से प्रार्थना करते हुए अपने परिवार और खुशहाली की बात कहें. इसके साथ ही कुमकुम, अक्षत, सिंदूर, भोग, घी का दीपक जलाएं. पूजा करने के बाद देवी मां को अपने स्थान पर वापस जाने का आग्रह करें. ऐसा करने से आपका और आपके परिवार का कल्याण होगा.
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शमी के पौधे की पूजा करने के लाभ
ज्योतिषाचार्य के अनुसार, दशहरा के दिन शमी के पौधे की पूजा करना लाभकारी माना जाता है. माना जाता है कि इस दिन शमी की पूजा करने से हर काम में सफलता प्राप्त होती है. इसके साथ ही सालभर यात्राओं में लाभ मिलता है. ऐसा करने से मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं, जिससे घर में धन-दौलत की कमी नहीं होती है.
शमी के पौधे की पूजा करने की विधि
विजयादशमी के दिन शमी के पौधे की पूजा करने का विशेष महत्व है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि शमी के पेड़ की पूजा घर में कर सकते हैं. इसके लिए सबसे पहले इस दिन शमी के पेड़ की जड़ में जल चढ़ाएं. इसके साथ ही दीपक जलाएं. ऐसा करने से जीवन से अंधकार मिट जाएगा. साथ ही शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी.
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शमी के पौधे से जुड़ी मान्यताएं
पौराणिक कथा के अनुसार, मान्यता है कि मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम ने युद्ध पर जाने से पहले शमी के वृक्ष की पूजा की थी. इसके बाद उन्हें विजय प्राप्त हुई थी. यही कारण है कि शमी के पौधे की पूजन का विधान है. वहीं, दूसरी कथा यह है कि जब पांडव अज्ञातवास पर थे तो उन्होंने अपने अस्त्र शमी के पेड़ में छिपाकर रखें थे.
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Tags: Astrology, Dharma Aastha, Dussehra, Religion
FIRST PUBLISHED : October 24, 2023, 02:31 IST
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