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दीपक पाण्डेय/खरगोन. प्रकृति ने हमें कई ऐसे पेड़-पौधे दिए है, जो धार्मिक महत्व के साथ कई गंभीर बीमारियों के इलाज में कारगार सिद्ध होते है. अगर इनका सही तरीके से इस्तेमाल किया जाएं तो यह बीमारियों को जड़ से खत्म कर सकते है. उन्हीं में से एक है बरगद का पेड़. जिसे वट वृक्ष भी कहते है. इसका वैज्ञानिक नाम फाइकस बेंगालेंसिस है और इंग्लिश में बनियान ट्री भी कहलाता है.
मध्यप्रदेश के खरगोन जिले के अधिकांश गांव एवं शहर की गली-मोहल्ले में आसानी से मिलने वाला बरगद का यह पेड़ हिंदू धर्म में पूज्यनीय माना गया है. लेकिन क्या आप जानते है की इस पेड़ में औषधियों की भरमार छिपी हुई है. इसकी जड़ से लेकर पत्ते तक कई गंभीर रोगों को दूर करने में रामबाण साबित होते है. तो चलिए आपको बताते है बरगद के पेड़ का कोन सा अंग किस बीमारी का इलाज है.
पेड़ में मिलते है इतने तत्व
वनस्पति शास्त्र के प्रोफेसर सीएल निगवाल बताते है की बरगद का यह पेड़ एक ऐसा वृक्ष है, जिसमे एंटीमाइक्रोबियल, एंटीऑक्सीडेंट, रसायन, हेंसेन, ब्यूटेनाल, एजिन एल्ब्यूमिन, मेलिन अम्ल, हाइपोग्लासेसिक जेसे कई पदार्थ पाए जाने से मानव शरीर में होने वाली कई गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म करने में सहायक होता है. पेड़ की छाल, पत्ते और जड़े सभी अलग अलग बीमारियों के इलाज में उपयोगी साबित होती है.
पत्तो का ऐसे करें उपयोग
वें बताते है की चर्म रोग के लिए तो मानों यह संजीवनी का काम करती थी. इस रोग से ग्रसित व्यक्ति पेड़ के पत्तो का लेप बनाकर फोड़े, फुंसियों एवं खुजली वाले स्थान पर लगाए तो उसे तुरंत आराम मिलेगा. वहीं पेड़ के मुलायम छोटे पत्तो, जड़ और छाल मिलाकर काढ़ा बनाएं. इसे पीने से पेट की बीमारियां, दस्त और पेचिस रोग ठीक होता है. कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रखने में भी फायदेमंद रहता है.
इन बीमारियों में भी है फायदेमंद
वें बताते है की जड़ में विशेष प्रकार का अम्ल पाया जाता है. पेड़ की वायवीय जड़ को छबाकर दातुन के रूप में इस्तेमाल करने से दात और मसूड़े मजबूत होते है वहीं इसका सेवन करने से डायबिटीज की समस्या से छुटकारा मिलता है. रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है. जिनके जोड़ों में दर्द रहता है, वें अगर इस पेड़ की पत्तियों का सेवन करते है तो दर्द से राहत मिलती है. पेड़ से मिलने वाले दूध में मौजूद रसायन की वजह से इसे मलहम की तरह इस्तेमाल करने किया जा सकता है.
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Tags: Ayurveda Doctors, Health News, Local18
FIRST PUBLISHED : November 2, 2023, 10:16 IST
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