Home Sports अजब-गजब है ये दुनिया की नंबर वन जोड़ी, HTLS में सात्विक बोले- चिराग 5-6 साल पहले मेरा दुश्मन था

अजब-गजब है ये दुनिया की नंबर वन जोड़ी, HTLS में सात्विक बोले- चिराग 5-6 साल पहले मेरा दुश्मन था

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अजब-गजब है ये दुनिया की नंबर वन जोड़ी, HTLS में सात्विक बोले- चिराग 5-6 साल पहले मेरा दुश्मन था

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दुनिया की नंबर वन मेंस बैडमिंटन डबल्स इस समय भारतीय खिलाड़ी हैं। इनमें एक सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी और दूसरे चिराज शेट्टी हैं। दोनों एक साथ बैडमिंटन के कोर्ट से हिन्दुस्तान टाइम्स लीडरशिप समिट 2023 (HTLS 2023) के मंच पर पहुंचे। दोनों ने कोर्ट और कोर्ट के बाहर की अपनी दोस्ती और पुरानी बातों के बारे में खुलकर बात की। इसी दौरान सात्विक ने बताया कि चिराग 5-6 साल पहले मेरा दुश्मन था। ये दोनों खिलाड़ी एशियन गेम्स और कॉमनवेल्थ गेम्स में साथ में गोल्ड मेडल जीत चुके हैं।  

दरअसल, जब सात्विकसाईराज रेंकीरेड्डी से चिराग शेट्टी के साथ अपनी दोस्ती पर पूछा गया तो उन्होंने कहा, “जूनियर स्टेज में वह मेरा प्रतिद्वंद्वी था। 5-6 साल पहले वह मेरा दुश्मन था। मैं उसे हर समय हराना चाहता था, क्योंकि वह मुझे हर समय हराता था और मैं उसका बदला लेने के लिए उत्सुक था, लेकिन कभी नहीं सोचा था कि वह मेरी जिंदगी का सबसे अहम शख्स बन जाएगा।” दोनों अब नंबर वन बैडमिंटन पेयर हैं। हालांकि, दोनों को शुरुआत में एक साथ खेलने में समस्या हुई थी। 

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वहीं, इस दोस्ती पर चिराग बोले, “हालांकि, यह व्यक्तिगत रूप से नहीं था। हम दोनों लंबे और दुबले-पतले खिलाड़ी हैं और इसलिए बैक कोर्ट पर खेलना चाहते थे। इसलिए हमें इस साझेदारी के साथ सामंजस्य बिठाने में कठिनाई हुई, क्योंकि कोई भी फ्रंट कोर्ट में नहीं खेलना चाहता था। पहले कुछ महीनों में हम यह पता नहीं लगा पाए कि फ्रंट कोर्ट में कौन खेलेगा और हमने जो पहले तीन टूर्नामेंट खेले उनमें हम पहले ही राउंड में हार गए। हमारे तत्कालीन कोच हमें बाहर ले गए और समझाया कि यह जोड़ी कितनी महत्वपूर्ण है और हमसे थोड़ा और समय देने का आग्रह किया, लेकिन मनोवैज्ञानिक तौर पर कुछ बदलाव आया, क्योंकि पहले हमें भागीदार बनने के लिए मजबूर किया जाता था। इसके बाद हमने लगातार चार खिताब जीते।” 

इस जोड़ी के वर्ल्ड नंबर होने के पीछे की कहानी पर सात्विक ने कहा, “इसके बारे में ज्यादा मत सोचो। कोई भी किसी को हरा सकता है। हमें रैंकिंग की परवाह नहीं है। हम सिर्फ ज्यादा से ज्यादा खिताब जीतना चाहते हैं। सौभाग्य से जब हमने एशियाई खेलों में जीत हासिल की तो यह हमारे लिए नंबर 1 रैंकिंग के साथ दोहरा बोनस था।”

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