Home Education & Jobs Education News : Bihar Shikshak bharti:No relief from High Court for 22 thousand primary teachers holding B Ed degree now the posts will have to be filled again – बीएड डिग्रीधारी 22 हजार प्राथमिक शिक्षकों को हाईकोर्ट से राहत नहीं, अब नये सिरे से भरना होगा पद – Hindustan

Education News : Bihar Shikshak bharti:No relief from High Court for 22 thousand primary teachers holding B Ed degree now the posts will have to be filled again – बीएड डिग्रीधारी 22 हजार प्राथमिक शिक्षकों को हाईकोर्ट से राहत नहीं, अब नये सिरे से भरना होगा पद – Hindustan

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Education News : Bihar Shikshak bharti:No relief from High Court for 22 thousand primary teachers holding B Ed degree now the posts will have to be filled again – बीएड डिग्रीधारी 22 हजार प्राथमिक शिक्षकों को हाईकोर्ट से राहत नहीं, अब नये सिरे से भरना होगा पद – Hindustan

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Bihar Shikshak bharti: राज्य सरकार के अधीन प्राथमिक स्कूलों में बीएड की डिग्री पर नियुक्त करीब 22 हजार शिक्षकों की नौकरी पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। पटना हाईकोर्ट ने पहली से पांचवीं कक्षा तक के शिक्षकों को कोई राहत नहीं दी है। हाईकोर्ट ने कहा कि शिक्षक नियुक्ति के छठे चरण में पहली से पांचवी के लिए बीएड डिग्रीधारी की नियुक्ति हुई थी। उसे अब नए सिरे से भरना होगा। राज्य सरकार को एनसीटीई की ओर से 2010 में जारी मूल अधिसूचना के अनुसार योग्य उम्मीदवारों में से ही नियुक्ति करनी होगी।

कोर्ट ने कहा कि संविधान के अनुच्छेद 141 के तहत हाईकोर्ट को सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानना है। ऐसे में बीएड डिग्रीधारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों के पद पर नियुक्त होने के पात्र नहीं है।

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति के विनोद चन्द्रन और न्यायमूर्ति राजीव रॉय की खंडपीठ ने एक साथ तीन अलग- अलग मामलों पर सुनवाई के बाद बुधवार को फैसला सुनाया। कोर्ट ने एनसीटीई (राष्ट्रीय शिक्षक शिक्षा परिषद ) की ओर से 28 जून 2018 को जारी अधिसूचना को गलत करार दिया। उसमें प्राथमिक विद्यालयों में पहली से पांचवीं तक के बच्चों को पढ़ाने के लिए बीएड डिग्रीधारियों को उपयुक्त माना गया था। एनसीटीई की उस अधिसूचना की वैधता को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई थी। हाईकोर्ट ने कहा कि प्राथमिक विद्यालयों में पहली से पांचवीं कक्षा में डीएलएड डिग्रीधारी ही शिक्षक के पद पर नियुक्त हो सकते हैं। इसके बाद एनसीटीई की अधिसूचना को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई थी।

सुप्रीम कोर्ट ने भी इसे रद्द कर दिया था। शीर्ष अदालत ने आदेश में स्पष्ट किया था कि प्राथमिक कक्षाओं में पढ़ाने के लिए डीएलएड डिग्रीधारक शिक्षकों की ही नियुक्ति हो सकती है। सुप्रीम कोर्ट के फैसले बाद बीपीएससी की बिहार शिक्षक भर्ती और केंद्रीय विद्यालय शिक्षक भर्ती के प्राइमरी लेवल से बीएड डिग्रीधारक बाहर हो गए थे। 

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