Home Life Style कब है मीन संक्रांति? जान लें स्नान-दान मुहूर्त, महा पुण्यकाल, सूर्य पूजा विधि, 1 माह रहेगा खरमास

कब है मीन संक्रांति? जान लें स्नान-दान मुहूर्त, महा पुण्यकाल, सूर्य पूजा विधि, 1 माह रहेगा खरमास

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कब है मीन संक्रांति? जान लें स्नान-दान मुहूर्त, महा पुण्यकाल, सूर्य पूजा विधि, 1 माह रहेगा खरमास

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हाइलाइट्स

मीन संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के बाद सूर्य देव की पूजा करते हैं.
इस साल की मीन संक्रांति 14 मार्च दिन गुरुवार को है.
मीन संक्रांति का महा पुण्यकाल 12:46 पीएम से 02:46 पीएम तक है.

सूर्य देव हर माह एक राशि से दूसरी राशि में भ्रमण करते हैं. सूर्य जिस समय मीन राशि में गोचर करेंगे, उस समय सूर्य की मीन संक्रांति होगी. मीन संक्रांति के दिन पवित्र नदियों में स्नान करने के बाद सूर्य देव की पूजा करते हैं और अपनी क्षमता के अनुसार दान करते हैं. मीन संक्रांति के दिन से खरमास का भी प्रारंभ होता है, जो एक माह तक रहता है. मेष संक्रांति के दिन से खरमास का समापन हो जाता है. तिरुपति के ज्योतिषाचार्य डॉ. कृष्ण कुमार भार्गव से जानते हैं कि मीन संक्रांति कब है? मीन संक्रांति का महापुण्यकाल कब है? स्नान और दान कब करना है?

किस दिन है मीन संक्रांति 2024?

इस साल की मीन संक्रांति 14 मार्च दिन गुरुवार को है. सूर्य देव 14 मार्च को दोपहर 12 बजकर 46 मिनट पर मीन राशि में प्रवेश करेंगे. उस समय सूर्य की मीन संक्रांति होगी.

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मीन संक्रांति 2024 महा पुण्यकाल और पुण्यकाल

मीन संक्रांति का महा पुण्यकाल दोपहर 12 बजकर 46 मिनट से दोपहर 02 बजकर 46 मिनट तक रहेगा. उस दिन महा पुण्यकाल 2 घंटे तक रहेगा. मीन संक्रांति का पुण्यकाल 5 घंटे 43 मिनट का होगा. यह पुण्यकाल दोपहर 12 बजकर 46 मिनट से शाम 06 बजकर 29 मिनट तक रहेगा.

मीन संक्रांति 2024 स्नान-दान का समय

मीन संक्रांति का स्नान और दान आपको महापुण्यकाल के समय में करना चाहिए. इस आधार पर मीन संक्रांति का स्नान और दान दोपहर 12:46 पीएम से होगा. मीन संक्रांति के दिन आपको स्नान के बाद गेहूं, गुड़, तांबे के बर्तन, लाल कपड़ा, लाल फूल आदि दान कर चाहिए.

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मीन संक्रांति से खरमास का प्रारंभ

सूर्य देव के मीन राशि में आने के साथ ही खरमास का प्रारंभ हो जाएगा. यह खरमास करीब एक माह तक चलेगा. खरमास में शादी, मुंडन, गृह प्रवेश आदि जैसे मांगलिक कार्य नहीं होंगे. खरमास का समापन 13 अप्रैल को शाम 07 बजकर 45 मिनट पर होगा. उसके बाद से ही मांगलिक कार्य हो पाएंगे.

मीन संक्रांति पर सूर्य पूजा विधि

मीन संक्रांति के दिन स्नान के बाद बाद आपको सूर्य देव की पूजा करनी चाहिए. सबसे पहले सूर्य देव को जल अर्पित करें. तांबे के लोटे में पानी भर लें और उसमें लाल फूल, लाल चंदन और गुड़ डालकर सूर्य देव को अर्घ्य दें. इस दौरान सूर्य मंत्र का उच्चारण करें.

सूर्य देव को जल अर्पित करने के बाद सूर्य चालीसा, आदित्य हृदय स्तोत्र आदि का पाठ करना चाहिए. उस दिन आपको गायत्री मंत्र का जाप भी करना चाहिए.

Tags: Astrology, Dharma Aastha, Religion

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