Home Health गर्मियों का बाप, सेहत का सीक्रेट! अलीगढ़ के इस ठेला पर की जाती है लू और थपेड़ों की छुट्टी

गर्मियों का बाप, सेहत का सीक्रेट! अलीगढ़ के इस ठेला पर की जाती है लू और थपेड़ों की छुट्टी

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गर्मियों का बाप, सेहत का सीक्रेट! अलीगढ़ के इस ठेला पर की जाती है लू और थपेड़ों की छुट्टी

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Aligarh ka Bael Juice : DM ऑफिस के सामने वाली सड़क पर लगने वाला ये ठेला अलीगढ़ के लोगों के बेहद करीब है. गर्मियों में इनका बेल का जूस न सिर्फ राहत पहुंचाता है बल्कि सेहत के लिए भी गुणकारी है.

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गर्मी में राहत का देसी नुस्खा,अलीगढ़ के नाजिम की बेल जूस रेडी बनी शहर की पहचान

हाइलाइट्स

  • अलीगढ़ में नाजिम का बेल जूस गर्मियों में राहत देता है.
  • उनका ठेला DM ऑफिस के सामने सड़क पर लगता है.
  • मिट्टी के कुल्हड़ में परोसा बेल जूस स्वाद और तासीर बढ़ाता है.

Bael Juice/अलीगढ़. गर्मी के तपते मौसम में जब लू के थपेड़े बदन को झुलसाने लगते हैं, तब ठंडी राहत की तलाश हर किसी को होती है. ऐसे में बेल पत्थर का जूस रामबाण है. ये न सिर्फ राहत पहुंचाता है बल्कि सेहत का खजाना भी बन जाता है. बेल को संस्कृत में बिल्व कहा जाता है. आयुर्वेद में वर्षों से इसके औषधीय गुणों को आजमाया जाता रहा है. इसका जूस पेट की गर्मी शांत करता है, पाचन सुधारता है और डिहाइड्रेशन से बचाता है. यही वजह है कि गर्मियों में बेल का शरबत एक परंपरागत और विश्वसनीय पेय है. यूपी के अलीगढ़ की गर्मियों में जब सूरज आग उगलता है, तब सड़कों के किनारे लगे ठेले बेल जूस की भीनी महक से महकने लगते हैं. ऐसा ही एक ठेला लगाते हैं नाजिम, जिन्होंने पिछले कुछ साल में अपनी मेहनत, स्वाद और सेवा से पूरे इलाके में अलग छवि बना ली है.

मिट्टी का कुल्हड़, दोगुनी तासीर

अलीगढ़ के जिलाधिकारी कार्यालय के सामने वाली सड़क के पास नाजिम के ठेले पर लोगों की कतारें इसकी गवाही हैं. उनका बेल जूस महज एक ठंडा पेय नहीं, बल्कि अलग स्वाद बन गया है. वे बेल जूस में शुद्धता का खास ध्यान रखते हैं. ताजा गूदा, हल्की मिश्री की मिठास और मिट्टी के कुल्हड़ में परोसा गया जूस न सिर्फ स्वाद बढ़ाता है, बल्कि उसकी तासीर को भी दोगुना कर देता है. नाजिम बताते हैं कि वे कई साल से यहां बेल पत्थर के जूस का ठेला लगा रहे हैं. इस साल की गर्मी में भी खूब बिक्री हो रही है. उनके यहां बेल पत्थर का छोटा गिलास 20 रुपए का है. बढ़ा गिलास 40 रुपए का.

बेल का जूस पीने आए कास्टमर अतीक नाजिम की तारीफ करते हुए कहते हैं कि आजकल ऐसा असली बेल जूस मिलना मुश्किल है. ये सिर्फ पेय नहीं, बचपन की यादें और देसी सेहत का सीक्रेट है. अतीक साहब की इस तारीफ ने साफ किया कि जब देसी ज्ञान और मेहनत मिलते हैं, तब नाजिम जैसे लोग शहर के स्वाद की पहचान बन जाते हैं.

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