Home National …तो कब्रिस्तान बन जाएगा पाकिस्तान! भारत का पहला टारगेट लाहौर-इस्लामाबाद होगा

…तो कब्रिस्तान बन जाएगा पाकिस्तान! भारत का पहला टारगेट लाहौर-इस्लामाबाद होगा

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…तो कब्रिस्तान बन जाएगा पाकिस्तान! भारत का पहला टारगेट लाहौर-इस्लामाबाद होगा

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India Pakistan Nuclear War: भारत और पाकिस्तान में अगर परमाणु जंग की नौबत आती है, तो पाकिस्तान कहीं का नहीं रह जाएगा. ऐसा इसलिए कहा जा रहा है क्योंकि उस स्थिति में पाकिस्तान के एक-दो शहर नहीं, बल्कि पूरा मुल्क ह…और पढ़ें

...तो कब्रिस्तान बन जाएगा पाकिस्तान! भारत का पहला टारगेट लाहौर-इस्लामाबाद होगा

भारत के पास कई ऐसी मिसाइलें हैं, जिनसे पूरा पाकिस्तान तबाह हो सकता है.

हाइलाइट्स

  • पाकिस्तान को डर सता रहा है कि भारत परमाणु हमला कर सकता है.
  • पहलगाम हमले के बाद भारत-पाकिस्तान में काफी तनाव चल रहा है.
  • पहलगाम हमले एक विदेशी सहित 26 लोगों की हत्या कर दी गई थी.

नई दिल्ली. अगर परमाणु युद्ध होता है, जिसकी हम उम्मीद नहीं करते, तो भारत को बड़ा फायदा होगा क्योंकि लाहौर-इस्लामाबाद जैसे पाकिस्तान के आबादी वाले शहर भारतीय विमानों और बैलिस्टिक मिसाइलों की पहुंच में हैं, जबकि कई भारतीय जनसंख्या केंद्र पाकिस्तान से हिट करना मुश्किल है. यह कहना है अमेरिकी एक्सपर्ट जॉन एराथ का, जो नॉनप्रॉफिट सेंटर फॉर आर्म्स कंट्रोल एंड नॉन-प्रोलिफरेशन के सीनियर पॉलिसी डायरेक्टर हैं.

उन्होंने न्यूजवीक से बातचीत में आगे कहा, “वास्तव में – मुझे यह शब्द इस्तेमाल करना अच्छा नहीं लगता – लेकिन पाकिस्तानी राज्य का मुख्य केंद्र पंजाब में है, जो भारतीय सीमा के बहुत करीब है. इसलिए भारतीय विमान… पाकिस्तानी पहचान के उन सेंटर्स तक आसानी से पहुंच सकते हैं.” 22 अप्रैल को पहलगाम में हुए आतंकवादी हमले के बाद भारत गुस्से में है और सीमा पर पाकिस्तान के साथ उसका तनाव चरम पर पहुंच गया है. ऐसे में अनुमान लगाता जा रहा है कि दोनों देशों में जंग की नौबत आ सकती है.

न्यूक्लियर इंफॉर्मेशन प्रोजेक्ट के अनुसार, भारत लगभग 48 परमाणु वॉरहेड्स को पुराने मिराज 2000H/I, जगुआर IS/IB और संभवतः फ्रेंच-निर्मित राफेल विमानों के माध्यम से पहुंचा सकता है. इनमें से पहले दो को 1980 के दशक की शुरुआत में तैनात किया गया था और इनकी रेंज क्रमशः 1,850 और 1,600 किलोमीटर है. राफेल की रेंज लगभग 2,000 किलोमीटर है.

भारत बना परमाणु ताकत
भारत ने 1974 में पहली बार अपने परमाणु हथियारों का परीक्षण किया, जिससे वह परमाणु हथियार विस्फोट करने वाला छठा देश बन गया. इन हथियारों की क्षमता 10 से 40 किलोटन तक होती है, हालांकि सटीक संख्या अज्ञात है. यह जानकारी सेंटर फॉर आर्म्स कंट्रोल एंड नॉन-प्रोलिफरेशन के अनुसार है. हालांकि भारत ने कभी भी अपने परमाणु हथियारों की सटीक संख्या सार्वजनिक नहीं की है.

लेकिन फेडरेशन ऑफ अमेरिकन साइंटिस्ट्स के न्यूक्लियर इंफॉर्मेशन प्रोजेक्ट के अनुसार, 2022 में भारत के पास लगभग 160 परमाणु वारहेड्स होने का अनुमान था. उन्होंने कहा कि उस समय भारत ने लगभग 700 किलोग्राम सैन्य प्लूटोनियम का उत्पादन किया था, जो 140 से 210 परमाणु वारहेड्स के लिए पर्याप्त था – यह डेटा इंटरनेशनल पैनल ऑन फिसाइल मैटेरियल्स द्वारा भी समर्थित है.

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