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Places to Visit in Delhi: मालवीय नगर, दिल्ली में स्थित शेख यूसुफ कत्ताल का मकबरा, जिसे शेख अलाउद्दीन ने बनवाया था, अब खंडहर में तब्दील हो चुका है. यह स्थल 24 घंटे खुला रहता है.
शेख यूसुफ क़त्ताल का मकबरा
हाइलाइट्स
- मालवीय नगर में मुगलों का खंडहर मकबरा है.
- शेख अलाउद्दीन ने शेख यूसुफ कत्ताल का मकबरा बनवाया.
- मकबरे के पास तीन मेहराबदार मस्जिद भी है.
दिल्ली: राजधानी दिल्ली में मुगलों द्वारा बनाए कई ऐतिहासिक मकबरे और इमारतें मौजूद हैं, जो आज भी मुगलकालीन इतिहास की जीवंत गवाही देती हैं. लेकिन आज हम आपको मालवीय नगर स्थित एक ऐसे मकबरे के बारे में बताएंगे, जिसका निर्माण मुगलों ने करवाया था और जो आज खंडहर की स्थिति में है. दुर्भाग्यवश, इस ऐतिहासिक इमारत की हालत बहुत खराब हो चुकी है और यहां नशेड़ी लोग घूमते नजर आते हैं. फिर भी यह मकबरा देखने में बेहद खूबसूरत है और काफी बड़े क्षेत्र में फैला हुआ है. अगर आप इतिहास के शौकीन हैं, तो इस जगह को एक्सप्लोर करना आपके लिए एक खास अनुभव होगा.
शेख अलाउद्दीन ने कराया था निर्माण
साउथ दिल्ली के मालवीय नगर इलाके में शेख यूसुफ कत्ताल का मकबरा स्थित है. इसका निर्माण शेख अलाउद्दीन ने करवाया था, जो हजरत निजामुद्दीन औलिया के आध्यात्मिक गुरु और सूफी संत शेख फरीदुद्दीन गंजशकर के पोते थे. यह मकबरा एक छोटा लेकिन बेहद अलंकृत बारह स्तंभों वाला मंडप है, जो लाल बलुआ पत्थर से बना है. मकबरे की जटिल जाली और नीली टाइलें इसे और भी आकर्षक बनाती हैं. इसका खास अंगूरा पैटर्न इसकी सुंदरता का केंद्र है.
खंडहर में तब्दील हुई ऐतिहासिक विरासत
मकबरे के बगल में एक आयताकार इमारत भी है, जिसमें तीन मेहराबदार मस्जिद स्थित है. इसकी पश्चिमी दीवार पर छह आलों की एक पंक्ति है और इसकी ऊपरी दीवारें अपेक्षाकृत अधिक अलंकृत हैं. हालांकि आज यह ऐतिहासिक इमारत खंडहर बन चुकी है, लेकिन यह काफी बड़े क्षेत्र में फैली हुई है और चारों ओर पेड़-पौधे लगे हैं. इसलिए, यहां आकर आपको हरियाली के बीच एक सुंदर ऐतिहासिक स्थल देखने को मिलेगा. इस स्थल पर आने के लिए कोई प्रवेश शुल्क नहीं है.
कैसे पहुंचें और कब जाएं
यह स्थल 24 घंटे खुला रहता है. नजदीकी मेट्रो स्टेशन मालवीय नगर है, जिससे यहां पहुंचना बहुत आसान है.
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