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अक्सर लोग कहते हैं कि लड़कियां ज्यादा बोलती हैं और लड़के कम. लेकिन अगर आप शादीशुदा हैं और पति कम बोलता है तो रिश्ते में खटास आ सकती है. दरअसल रिलेशनशिप में कम्यूनिकेशन का होना बेहद जरूरी है.
हस्बैंड की बात ध्यान और सम्मान देकर सुनने से रिश्ता बेहतर होगा (Image-Canva)
हाइलाइट्स
- पति का इंट्रोवर्ट नेचर हो सकता है.
- सामाजिक दबाव के कारण पति कम बोल सकते हैं.
- तनाव में होने पर पति चुप रह सकते हैं.
Why husband doesn’t talk to you: बॉलीवुड फिल्म ‘राजनीति’ का एक बेहद मशहूर गाना है- ‘मोरा पिया मुंह से बोलत नाहीं.’ यह गीत भले ही एंटरटेनमेंट के लिए बनाया गया हो लेकिन ये कई शादीशुदा महिलाओं की शिकायत भी है. अक्सर महिलाएं इस बात से परेशान रहती हैं कि उनका पति उनसे बात नहीं करता है या कम बोलता है. जबकि वह चाहती हैं कि उनका हस्बैंड अपने दिल की सब बातें शेयर करें और उनकी बातें भी ध्यान से सुनें. यह रिलेशनशिप की मजबूती के लिए भी जरूरी है. लेकिन कुछ पति खामोश क्यों रहते हैं, कभी सोचा है?
इंट्रोवर्ट हो सकता है नेचर
रिलेशनशिप काउंसलर प्रियंका श्रीवास्तव कहती हैं कि कुछ लोग इंट्रोवर्ट होते हैं यानी उन्हें दूसरों से बात करना या घुलना-मिलना ज्यादा पसंद नहीं होता. ऐसे में वह अपनी पत्नी से भी बात करते हुए सहज नहीं होते. यह उनकी आदत है और उनके लिए सामान्य बर्ताव है. ऐसे लोग सोचते ज्यादा है और बोलते कम हैं. अगर हस्बैंड के कम बोलने की वजह यह है तो चिंता करने की बात नहीं है. पत्नी को समझना चाहिए कि यह उनका स्वभाव है. उन्हें उनका पर्सनल स्पेस दें लेकिन अपनी बातें सारी उनसे जरूर शेयर करें.
सामाजिक दबाव हो सकता है
हमारे समाज में लड़कों की परवरिश कुछ इस तरह से की जाती है कि वह खुलकर अपनी भावनाओं को व्यक्त नहीं कर पाते. जैसे लड़कों को बचपन से कहा जाता है कि लड़के रोते नहीं है, मर्द को दर्द नहीं होता, उन पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी है…इस तरह का सोशल प्रेशर अक्सर लड़कों को खामोश कर देता है और वह चाहकर भी अपने इमोशन किसी से शेयर नहीं कर पाते. यह चीज तब दिक्कत बन जाती है जब उनकी शादी होती है और वह अपनी पत्नी से बैठकर बात नहीं करते.
कहीं तनाव में तो नहीं हैं हस्बैंड?
अगर हस्बैंड पहले बात करते थे और अचानक चुप रहने लगे हैं तो यह चिंता की बात है. पुरुष परिवार का सारा बोझ अपने कंधों पर लेकर चलते हैं और परेशान होने के बाद भी उफ तक नहीं करते. ऐसे में उनपर मानसिक दबाव बढ़ जाता है और उनकी मेंटल हेल्थ खराब होने लगती है. वह चिड़चिड़े रहते हैं, चुप रहते हैं या हमेशा थके हुए दिखते हैं तो उनसे लड़ाई ना करें. उनसे उनकी परेशानी की वजह जानने की कोशिश करें और इस बुरे वक्त में उनका साथ दें.
कम बोलने वाले हस्बैंड को पत्नी का इमोशनल सपोर्ट चाहिए होता है (Image-Canva)
किसी से बुराई ना करें
अक्सर महिलाएं अपने पति की बुराई किसी के सामने भी कर देती हैं. यही नहीं वह बच्चों के सामने भी पति को भला-बुरा बोल देती हैं. इससे पुरुषों की कहीं ना कहीं मैन इगो प्रभावित होती है और उनका पत्नी से बात करने का मन नहीं करता है क्योंकि घर में उनकी इज्जत नहीं होती. ऐसे पुरुष घर पर भी अपना समय नहीं देते. हर पत्नी को यह समझने की जरूरत है कि शादी का रिश्ता आपसी समझ और इज्जत पर निर्भर करता है. अगर आप पति को इज्जत देंगी तो हस्बैंड से भी इज्जत मिलेगी.
पति से ऐसे शुरू करें बात
अगर पति कम बोलता है तो पत्नी अकेलापन महसूस करती है. इससे उनके बीच गलतफहमी बढ़ने लगती है और लड़ाई भी हो सकती है जिससे रिश्ता कमजोर पड़ सकता है. ऐसे में पत्नी को पति से बात करने की पहल करनी चाहिए. लेकिन इससे पहले उन्हें जज करना छोड़ दें. हस्बैंड के करीब आना है तो उनसे उनके दिनभर का हाल पूछें, उनकी पसंद के टॉपिक पर बात करें. कोशिश करें कि छुट्टी वाले दिन उनके साथ डिनर पर जाएं या लॉन्ग ड्राइव पर निकलें. इससे पति आपके साथ कंफर्टेबल होने लगेंगे और दिल की बात शेयर करने लगेंगे.
Active in journalism since 2012. Done BJMC from Delhi University and MJMC from Jamia Millia Islamia. Expertise in lifestyle, entertainment and travel. Started career with All India Radio. Also worked with IGNOU…और पढ़ें
Active in journalism since 2012. Done BJMC from Delhi University and MJMC from Jamia Millia Islamia. Expertise in lifestyle, entertainment and travel. Started career with All India Radio. Also worked with IGNOU… और पढ़ें
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