Home Life Style पति या बच्‍चे! महिलाओं के लिए बड़ा सिरदर्द कौन? शोध में हुआ खुलासा, कारण जान घूम जाएगा आपका भी दिमाग

पति या बच्‍चे! महिलाओं के लिए बड़ा सिरदर्द कौन? शोध में हुआ खुलासा, कारण जान घूम जाएगा आपका भी दिमाग

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पति या बच्‍चे! महिलाओं के लिए बड़ा सिरदर्द कौन? शोध में हुआ खुलासा, कारण जान घूम जाएगा आपका भी दिमाग

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Why Husbands Stress Women More Than Children: क्या आप जानते हैं कि महिलाओं के लिए सबसे ज्यादा तनाव का कारण कौन है? हाल ही में एक अमेरिकी सर्वेक्षण में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि महिलाएं बच्चों से ज्यादा अपने पतियों से तनाव महसूस करती हैं. NBC न्यूज और टुडे द्वारा किए गए इस सर्वे में 7,000 से अधिक मांओं से बात की गई. अध्ययन में पाया गया कि महिलाओं का औसत तनाव स्तर 10 में से 8.5 तक पहुंच गया. हैरानी की बात यह है कि 46% महिलाओं ने माना कि उनके पतियों की वजह से उन्हें बच्चों की तुलना में ज्यादा तनाव होता है.

पति क्‍यों बन रहे महिलाओं में तनाव के मुख्य कारण(Why Husbands Stress Women More Than Children)

घरेलू जिम्मेदारियों का असमान बंटवारा
लगभग 75% महिलाओं ने कहा कि घर के काम और बच्चों की देखभाल की अधिकतर जिम्मेदारी उनकी है. यह असंतुलन उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से थका देता है.

पति ‘बड़े बच्चे’ के रूप में
कई महिलाओं ने पतियों को ‘एक और बच्चा’ कहकर संबोधित किया. जब पति अपनी जिम्मेदारियां नहीं निभाते, तो महिलाओं को लगता है कि उनकी भूमिका सिर्फ देखभाल तक सीमित हो गई है.

सहयोग और समय की कमी
हर पांच में से एक महिला ने शिकायत की कि उनके पति से उन्हें पर्याप्त मदद नहीं मिलती. इससे उनके दैनिक कार्य पूरे करने में बाधा आती है और तनाव बढ़ता है.

घर बनाम ऑफिस
Penn State यूनिवर्सिटी के एक अध्ययन ने बताया कि महिलाओं को घर पर ऑफिस की तुलना में ज्यादा तनाव महसूस होता है. UCLA की रिसर्च ने यह भी खुलासा किया कि जब पति आराम कर रहे होते हैं और पत्नी काम कर रही होती है, तो पतियों का तनाव स्तर गिरता है. वहीं, जब पति घर के काम में मदद करते हैं, तो महिलाओं का तनाव कम होता है.

मेंटल लोड जो नजर नहीं आता
‘मेंटल लोड’ उस मानसिक और भावनात्मक जिम्मेदारी को दर्शाता है, जो महिलाओं को घरेलू और पारिवारिक कार्यों में उठानी पड़ती है. शोध में पाया गया कि महिलाएं घर और बच्चों की पूरी प्लानिंग खुद करती हैं, जिससे उनकी भावनात्मक थकान बढ़ती है.

-अपने पार्टनर से अपनी भावनाओं और अपेक्षाओं पर शांति से बात करें. यह रिश्ते को बेहतर बनाने का पहला कदम हो सकता है.

-जिम्मेदारियों का समान बंटवारा करें. घरेलू काम और बच्चों की देखभाल को साझा करें. इससे महिलाओं का बोझ कम होगा.

-अगर तनाव ज्यादा हो, तो काउंसलिंग या सपोर्ट ग्रुप का सहारा लें. यह आपको नई दृष्टि और समाधान दे सकता है.

-महिलाओं को खुद के लिए समय निकालना चाहिए. योग, मेडिटेशन, या अपनी पसंद के काम करना तनाव कम करने में मदद करता है.

यह शोध बताता है कि रिश्ते में जिम्मेदारियों का असमान बंटवारा महिलाओं के तनाव का सबसे बड़ा कारण है. पतियों को चाहिए कि वे अपने लाइफ पार्टनर की मदद करें, काम में हाथ बंटाएं और मेंटली सपोर्ट करें. इससे न केवल महिलाओं का तनाव कम होगा, बल्कि रिश्ते भी मजबूत बनेंगे. याद रखें, एक खुशहाल परिवार तभी संभव है जब परिवार में बराबरी, समझदारी और सहयोग की भावना हो.

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