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Snakebite treatment: मानसून में सांप अपने बिलों से निकलकर खेतों और घरों में पहुंच जाते हैं. काटने पर तुरंत सरकारी अस्पताल जाएं, क्योंकि समय पर इलाज से जान बचाई जा सकती है.
Snakebite treatment
हाइलाइट्स
- मानसून में सांप बिल छोड़कर खेतों और घरों की ओर आते हैं.
- सांप काटे तो तुरंत सरकारी अस्पताल जाएं, देरी न करें.
- इलाज समय पर मिले तो जान बचने की 99 प्रतिशत संभावना है.
सांपों का व्यवहार बारिश में बदलता है
ज्यादातर सांप बिलों में छिपकर रहते हैं, लेकिन बारिश में वे झाड़ियों, खेतों की मेड़ों और रिहायशी इलाकों तक आ जाते हैं. वे भोजन की तलाश में होते हैं, और अनजाने में किसी के संपर्क में आ सकते हैं. अच्छी बात ये है कि हमारे जिले में जहरीले सांपों की संख्या बहुत कम है. फिर भी अगर किसी को सांप काट ले, तो यह जानना जरूरी है कि सांप ने जहर छोड़ा है या नहीं.
कई बार गांव में लोग सांप काटने पर झोलाछाप डॉक्टरों या आरएमपी के पास चले जाते हैं, जो जान के लिए खतरा बन सकता है. विशेषज्ञों का कहना है कि बिना समय गंवाए मरीज को सीधे सरकारी अस्पताल ले जाना चाहिए. वहां पर जरूरी एंटी-वेनम दवाएं उपलब्ध हैं और इलाज की पूरी सुविधा होती है.
सांप के काटने के लक्षण पहचानें और वक्त पर कदम उठाएं
सांप के काटने के बाद अगर सीने में जकड़न, शरीर में सुन्नपन, बोलने में दिक्कत या नींद सी लगने लगे तो ये खतरे के संकेत हैं. अगर समय पर इलाज न मिले, तो जान जाने का खतरा होता है. कोबरा जैसे सांप काटने के बाद कभी-कभी कोई निशान नहीं छोड़ते, लेकिन उनका जहर खून में मिलकर तेजी से असर करता है. इसलिए हर स्थिति में मरीज को तुरंत अस्पताल ले जाना चाहिए.
कुछ सांप जैसे जेरिपूटू या सिरू कोबरा जहरीले नहीं होते, लेकिन उनके काटने की जगह पर सूजन हो सकती है. मांसपेशियों में दर्द और सूजन कई हफ्तों तक बनी रह सकती है. इसलिए भले ही सांप जहरीला न हो, फिर भी घायल व्यक्ति को इलाज के लिए अस्पताल जरूर ले जाना चाहिए.
इलाज की सुविधा उपलब्ध, घबराने की जरूरत नहीं
सांगारेड्डी जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और शहरी स्वास्थ्य केंद्रों में सांप के काटने की दवा उपलब्ध है. डॉक्टर श्रीनिवास के अनुसार, प्राथमिक उपचार के बाद ज़रूरत पड़ने पर मरीज को जिला अस्पताल भेजा जाता है, जहां पर जीवन रक्षक उपाय भी उपलब्ध हैं. अगर समय रहते मरीज को इलाज मिल जाए, तो 99 प्रतिशत मामलों में जान बचाई जा सकती है.
डॉक्टरों की सलाह है कि किसान खेत में काम करने से पहले रबड़ के जूते पहनें और हाथों को कपड़े से ढंकें. अगर सांप काट भी ले, तो तुरंत काटे गए स्थान पर कपड़ा बांधकर उसे कस लें ताकि जहर शरीर में ना फैले. फिर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में पहुंचें.
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