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‘डंडा दिखाकर कबूल करवाया इस्लाम’
अपने भाषण में गिल कहते हैं, ‘जनाब स्पीकर, बड़े दुख के साथ यह बात करना चाहता हूं। बहुत समान अधिकार मिल चुके हैं हमें 75 साल में। एक हमें बड़ा समान अधिकार मिला कि हमारी 15 साल से कम उम्र की बच्चियों को इस्लाम कबूल करवाया जाता है। बड़े समान अधिकार हैं जनाब… 12 साल की बच्ची को, पिछले हफ्ते डंडे के जोर पर इस्लाम कबूल करवाया गया। जब मैं थाने पहुंचा तो डीएसपी साहब मुझसे कहने लगे कि इसने अपनी मर्जी से इस्लाम कबूल किया है।’
‘दो दिन में कैसे बन जाएगा मुसलमान?’
उन्होंने कहा, ‘एक बच्चा ईसाई, हिंदू या सिख समुदाय में पैदा होता है। उसने अपनी ईसाई, हिंदू या सिख मां का दूध पिया है। उसने बचपन से लेकर जवानी तक अपने धर्म की शिक्षा ली है। उसे न कलमा आता है, न हदीस आती है, न कुरान की आयतें भी नहीं आतीं, वह कैसे दो दिन में मुसलमान बन जाएगा। यह बात मुझे आज तक समझ नहीं आई। मैंने डीएसपी से कहा कि इससे कहें कि मुझे कलमा सुना दें, अगर यह सुना देगी तो मैं मान जाऊंगा। जनाब, 18 साल से पहले तो ड्राइविंग लाइसेंस, पहचान पत्र भी नहीं बनता तो यह इतना बड़ा सर्टिफिकेट न दिया जाए, मैं हाथ जोड़कर विनती करता हूं। हम पर बड़ा जुल्म हुआ है, हम पर तरस खाया जाए।’
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