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हाइलाइट्स
कुंडली में राहु और केतु की विशेष स्थिति से कालसर्प दोष उत्पन्न होता है.
सोमवती अमावस्या पर कुछ आसान उपायों से इससे मुक्ति पा सकते हैं.
साल 2023 की पहली सोमवती अमावस्या 20 फरवरी को है. यह फाल्गुन अमावस्या है, जो सोमवार के दिन होने के कारण सोमवती अमावस्या है. सोमवती अमावस्या के दिन पवित्र नदियों में स्नान करते हैं. सूर्य देव की पूजा के बाद दान करते हैं. सोमवती अमावस्या के स्नान और दान से पुण्य की प्राप्ति होती है. सोमवती अमावस्या की तिथि 19 फरवरी को शाम 04:18 बजे से 20 फरवरी को दोपहर 12:35 बजे तक रहेगी. इस दिन प्रात:काल से ही परिघ योग है और सुबह 11:03 बजे से शिव योग है. परिघ योग शत्रुओं के खिलाफ किए गए कार्यों में सफलता प्रदान करने वाला होता है.
सोमवती अमावस्या के दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा होती है. जो महिलाएं व्रत रखती हैं, उनको अखंड सौभाग्य मिलता है. जिन लोगों की कुंडली में कालसर्प दोष होता है, वे लोग सोमवती अमावस्या पर कुछ आसान उपायों से इससे मुक्ति पा सकते हैं. कुंडली में राहु और केतु की विशेष स्थिति से कालसर्प दोष उत्पन्न होता है. केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालय पुरी के ज्योतिषाचार्य डॉ. गणेश मिश्र से जानते हैं सोमवती अमावस्या पर कालसर्प दोष से मुक्ति के उपायों के बारे में.
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कालसर्प दोष से मुक्ति के उपाय
1. सोमवती अमावस्या के दिन आप प्रात:काल में स्नान करने के बाद भगवान शिव की विधिपूर्वक पूजा करें. उसके बाद शिव तांडव स्तोत्र या फिर शिव रक्षा स्तोत्र का पाठ कर लें. भगवान भोलेनाथ के आशीर्वाद से आपको लाभ होगा. जो लोग कालसर्प दोष से पीड़ित होते हैं, उन लोगों को राहुकाल में शिव जी की पूजा करानी चाहिए.
2. कालसर्प दोष से मुक्ति का सबसे प्रचलित उपाय है तीर्थ स्नान के बाद चांदी के बने हुए नाग और नागिन के जोड़े की पूजा करें. उसके बाद उस जोड़े को नदी की धारा में प्रवाहित कर दें. फिर उनको प्रणाम करके कालसर्प दोष से मुक्ति की प्रार्थना कर लें.
3. कालसर्प दोष से राहत पाने का एक उपाय है रुद्राभिषेक. रुद्राभिषेक कराने से भी कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है. 18 फरवरी को महाशिवरात्रि का दिन रुद्राभिषेक के लिए अच्छा है. इससे अन्य ग्रह दोष भी शांत होते हैं.
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4. यदि आप राहु ग्रह की शांति कराते हैं तो भी कालसर्प दोष से मुक्ति मिलती है. इसके अलावा आप नासिक या उज्जैन के ज्योतिर्लिंग मंदिर में पूजा कराते हैं तो इससे मुक्ति मिलती है. महाकाल के मंदिर परिसर में नाग मंदिर है, जो साल में एक बार नाग पंचमी के अवसर पर खुलता है. इसमें दर्शन और पूजा करने से कालसर्प से मुक्ति मिल जाती है.
कालसर्प दोष से हानि
कुंडली में कालसर्प दोष होने व्यक्ति के करियर या बिजनेस में उन्नति नहीं होती है. विवाह से जुड़ी बाधाएं परेशान करती हैं. मृत्यु का भय होता है और स्वप्न में सांप दिखाई देते हैं. कालसर्प दोष के कारण शारीरिक कष्ट, बीमारी आदि होती हैं.
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Tags: Astrology, Dharma Aastha
FIRST PUBLISHED : February 14, 2023, 11:56 IST
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